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फिलीपींस की राजधानी मनीला में ASEAN Summit के इतर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई. बैठक में ट्रेड, टैरिफ, डिफेंस, AI और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे गंभीर मुद्दों पर मंथन हुआ. हालांकि, मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट ने सभी का ध्यान खींचा. जहां रूबियो ‘दोस्त-दोस्त’ कहकर भारत को रिझाते दिखे, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिना किसी दिखावे के एकदम सीरियस टोन में सिर्फ काम की बात की.
जयशंकर-रूबियो आसियान समिट
फिलीपींस की राजधानी मनीला में हुई ‘आसियान समिट’ पर आज पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं. इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें ट्रेड, डिफेंस, AI और क्रिटिकल मिनिरल्स जैसे बड़े विषय शामिल रहे. असली ट्विस्ट मीटिंग के बाद आया! जब दोनों पावरफुल लीडर्स ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट शेयर कि तो उनके टोन से ही मुलाकात का मूड एकदम साफ हो गया. एक तरफ रूबियो ‘दोस्त-दोस्त’ कहते दिखे, वहीं दूसरी तरफ जयशंकर एकदम सीरियस मोड में नजर आए. उनके पोस्ट में दोस्ती जैसा कोई दिखावा नहीं था, पूरा फोकस सिर्फ काम की बात पर था.
रूबियो का ‘फ्रेंडली’ अंदाज: भारत को खुश करने की कोशिश?
मनीला में हुई इस अहम बैठक के तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. रूबियो का टोन बेहद गर्मजोशी से भरा हुआ था. उन्होंने लिखा ‘आसियान के मंच से अलग अपने दोस्त, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है. हमने क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों, क्वाड, व्यापार और रक्षा समझौतों पर चर्चा की. भारत के साथ हमारा रिश्ता बेहद अहम (Vital) है’.
मार्को रूबियो के इस पोस्ट के टोन से ये साफ जाहिर है कि अमेरिका इस समय भारत के साथ अपने रिश्तों को हर हाल में मजबूत और सहज दिखाना चाहता है. रूबियो का ये ‘फ्रेंडली’ अंदाज बताता है कि अमेरिका भारत को साधने और खुश रखने की पूरी कोशिश कर रहा है. इस मीटिंग में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी ये साबित करती है कि अमेरिका इस मुलाकात और भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर कितना गंभीर है.
Always good to see my friend, Indian External Affairs Minister @DrSJaishankar on the sidelines of ASEAN.We discussed regional security issues, the Quad, trade, and defense agreements. Our relationship with India is vitally important. pic.twitter.com/Ji7umqLO7K

