नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में तीन दिनों से चल रही मौद्रिक नीति सीमिति (MPC) की बैठक के नतीजा आ गया है. इस बार आरबीआई के सामने कई चुनौतियां थीं. इसलिए कयास लगाए जा रहे थे कि रुपये को थामने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट का यही मानना है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. आरबीआई ने अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है.
RBI Monetary Policy Meeting: FY27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान घटाया गया
RBI Monetary Policy Today: RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की वास्तविक GDP वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले केंद्रीय बैंक ने 6.9% ग्रोथ का अनुमान जताया था. यानी RBI को अब अर्थव्यवस्था की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी धीमी रहने की उम्मीद है. वैश्विक अनिश्चितताओं, बढ़ती लागत और बाहरी चुनौतियों को देखते हुए विकास दर के अनुमान में यह कटौती की गई है.
RBI Policy News: अर्थव्यवस्था मजबूत, लेकिन बढ़ती लागत चिंता का विषय: RBI गवर्नर
RBI Meeting Today: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद भी देश की आर्थिक गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं. उनके मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी चुनौतियों और वैश्विक तनावों का मजबूती से सामना किया है. हालांकि अब ऊर्जा और अन्य जरूरी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है. गवर्नर ने कहा कि लागत बढ़ने और सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों से आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ सकता है. फिर भी मौजूदा स्थिति में भारतीय अर्थव्यवस्था ने अच्छी मजबूती दिखाई है.
Repo Rate Today: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
जैसा कि उम्मीद थी कि RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता नहीं अपनाएगा, फैसला भी बिलकुल वैसा ही आया है. आरबीआई ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है.
RBI Monetary Policy Meeting: रुपये को बचाने के लिए ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद नहीं
Repo Rate Today: बाजार के जानकारों का मानना है कि RBI सिर्फ रुपये को मजबूत करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता नहीं अपनाएगा. क्वांटम एसेट मैनेजमेंट की फिक्स्ड इनकम फंड मैनेजर स्नेहा पांडे के मुताबिक, मौजूदा हालात 2013 जैसे नहीं हैं, जब केंद्रीय बैंक को करेंसी पर दबाव के कारण सख्त कदम उठाने पड़े थे. उनका कहना है कि RBI फिलहाल ऐसी स्थिति में नहीं है जहां उसे आपातकालीन तौर पर ब्याज दरें बढ़ाकर बाजार को संभालना पड़े.
RBI MPC Meeting: रुपये को संभालने के लिए सरकार और RBI सक्रिय
RBI MPC Meeting: रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार कदम उठा रहे हैं. सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर पहले से ज्यादा सख्ती की है, ताकि विदेशी मुद्रा की मांग को नियंत्रित किया जा सके. वहीं RBI ने बैंकों की ओपन फॉरेन एक्सचेंज पोजिशन पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा तय कर दी है. इस कदम का मकसद करेंसी बाजार में सट्टेबाजी पर लगाम लगाना और रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकना है.
RBI MPC Meeting: शेयर बाजार में हल्की तेजी
सुबह 9:36 बजे तक भारतीय शेयर बाजार में हल्की मजबूती देखने को मिली. NSE का निफ्टी 50 इंडेक्स 38.05 अंक यानी 0.16% की बढ़त के साथ 23,454.60 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, BSE सेंसेक्स 153.08 अंक चढ़कर 74,513.09 के स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर दिखा, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बने रहे.
रुपया और तेल दोनों में बदलाव
रिजर्व बैंक के एमपीसी बैठक के नतीजे सामने आने से पहले ही भारतीय करेंसी में आज सुधार दिख रहा है. डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार सुबह 95.71 के लेवल पर खुला, जो एक दिन पहले 95.79 पर बंद हुआ था. आज ब्रेंट क्रूड का भाव भी बढ़कर 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो इस सप्ताह की शुरुआत में 91 डॉलर के आसपास पहुंच गया था.
बैंकिंग सिस्टम में डाले 17,445 करोड़
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अपने एमपीसी बैठक के नतीजे बताने से पहले ही देश के बैंकिंग सिस्टम में 17,445 करोड़ रुपये डाले हैं. यह लिक्विडिटी वैरिएबल रेपो रेट ऑक्शन के जरिये बढ़ाई गई है. आरबीआई ने यह सारी रकम 5.26 फीसदी रेपो रेट के कट ऑफ पर जारी की है.
नए आधार वर्ष पर आएंगे जीडीपी के नतीजे
रिजर्व बैंक एमपीसी बैठक के बाद जीडीपी के विकास दर के नतीजे भी जारी करेगा, जो नए आधार वर्ष पर तय किए जाएंगे. यह आंकड़े काफी मायने रखते हैं, क्योंकि सरकार ने विकास दर के आंकड़ों के लिए नया आधार वर्ष तय किया है. माना जा रहा है कि विकास दर का अनुमान पिछले वित्तवर्ष के लिए 7 फीसदी या उसके आसपास हो सकता है.
अभी कितना है आरबीआई का रेपो रेट
रिजर्व बैंक ने पिछले एक साल में रेपो रेट को करीब 1.25 फीसदी तक कम कर दिया है, लेकिन पिछली कुछ बैठकों में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. फिलहाल रिजर्व बैंक का रेपो रेट 5.25 फीसदी है और आज यह कयास लगाए जा रहे कि आरबीआई इसमें 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है. हालांकि, इकनॉमिस्ट के बीच कराए सर्वे में कुछ अर्थशात्रियों का दावा है कि रिजर्व बैंक पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर रेपो रेट का बोझ नहीं डाल सकता है. कुछ एक्सपर्ट का दावा है कि महंगाई के दबाव को कम करने के लिए रिजर्व बैंक 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी रेपो रेट में कर सकता है.

