गांव के सरपंच ने क्या कहा?
बल्लो गांव की सरपंच अमरजीत कौर ने बताया कि यह फैसला ग्रामीणों को विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची और शराबखोरी से रोकने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते किया गया है। कौर ने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि गांवों में विवाह समारोह के दौरान जहां शराब परोसी जाती है और डिस्क जॉकी (डीजे) की ओर से तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है। वहां झगड़े शुरू हो जाते हैं।
शादी समारोहों में न करें फिजूलखर्ची
उन्होंने कहा कि इसके अलावा तेज आवाज में संगीत बजाने से छात्रों की पढ़ाई में भी बाधा उत्पन्न होती है। कौर ने कहा कि हम लोगों को शादी समारोहों के दौरान फिजूलखर्ची न करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
कितनी है गांव की आबादी?
उन्होंने कहा कि पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत अगर कोई परिवार शादी समारोह में शराब नहीं परोसता और डीजे नहीं बजाता तो उसे 21,000 रुपये दिए जाएंगे। बल्लो गांव की कुल आबादी करीब पांच हजार है।

