
एल्युमिनियम पाउडर Amazon से खरीदा गया था
FATF की 131 पन्नों की इस रिपोर्ट ‘कॉम्प्रिहेंसिव अपडेट ऑन टेररिस्ट फाइनेंसिंग रिस्क’ में कहा गया है कि FATF के अनुसार, हमले में इस्तेमाल हुआ एल्युमीनियम पाउडर Amazon से खरीदा गया था। इस पाउडर का इस्तेमाल धमाके की ताकत बढ़ाने के लिए किया गया था। FATF ने बताया कि ई-कॉमर्स का इस्तेमाल गलत तरीके से पैसे भेजने के लिए किया जा सकता है। आतंकी सामान खरीदकर उसे अमेजन के जरिए दूसरी जगह भेज सकते हैं।
आईईडी में ज्यादा इस्तेमाल होते हैं एल्युमिनियम पाउडर
एल्युमिनियम पाउडर का इस्तेमाल अक्सर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में फ्यूल के रूप में किया जाता है। IED बनाने की कोशिश करने वाले लोग अक्सर इसे वैध वाणिज्यिक उत्पादों से प्राप्त करते हैं या आसानी से उपलब्ध एल्युमिनियम शुरुआती सामग्रियों का उपयोग करके इसे खुद ही बनाते हैं।
आतिशबाजी बनाने और रॉकेट ईंधन में भी होता है इस्तेमाल
एल्युमीनियम पाउडर का उपयोग पेंट, पिगमेंट, सुरक्षात्मक कोटिंग, मुद्रण स्याही, रॉकेट ईंधन, विस्फोटक, अपघर्षक और सिरेमिक में, अकार्बनिक और कार्बनिक एल्युमीनियम रसायनों के उत्पादन में और उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। पाइरो पाउडर को कार्बन के साथ मिलाकर आतिशबाजी के निर्माण में उपयोग किया जाता है।
इस्लामिक स्टेट से प्रेरित होकर किया गोरखनाथ मंदिर पर हमला
रिपोर्ट में 2022 के गोरखनाथ मंदिर हमले का भी जिक्र है। हमलावर ने PayPal के जरिए 6.69 लाख रुपये (USD 7,685) विदेश भेजे थे। उसने VPN और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल करके अपनी पहचान छुपाई थी। वह इस्लामिक स्टेट की मदद करना चाहता था। 3 अप्रैल 2022 को एक आदमी ने गोरखनाथ मंदिर में सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया। वह इस्लामिक स्टेट से काफी प्रेरित था। उसे विदेश से भी 10,323.35 रुपये (USD 188) मिले थे।
22 जुलाई को एक वेबिनार करेगा FATF
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आतंकवादी संगठन मानवीय सहायता का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने वाले सामान को चुरा लेते हैं। FATF ने सरकारों और NGOs से कहा है कि वे ऐसे तरीके अपनाएं जिनसे मानवीय सहायता जरूरतमंदों तक पहुंचे और आतंकवादी उसका गलत इस्तेमाल न कर सकें। FATF ने कुछ खतरे के संकेत भी बताए हैं। इनमें असामान्य पेमेंट, अजीब यात्रा और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियां शामिल हैं। अगर किसी को ये संकेत दिखते हैं, तो उसे तुरंत अधिकारियों को बताना चाहिए। FATF 22 जुलाई 2025 को एक वेबिनार आयोजित करेगा।
फंडिंग के तौर-तरीके कैसे बदल रहे हैं
FATF की इस रिपोर्ट को बनाने में 80 से ज्यादा देशों से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया गया है। इसे बनाने में संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस ने मदद की है। इसमें कहा गया है कि आतंकवाद की फंडिंग के तरीके बदल रहे हैं। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि आतंकी संगठन अब पारंपरिक फंडिंग तरीकों के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों जैसे ऑनलाइन पेमेंट, गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स साइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग (TF) की रणनीतियां एक जैसी नहीं होतीं, बल्कि अलग-अलग जगहों पर, अलग परिस्थितियों के हिसाब से अलग तरीके अपनाए जाते हैं।


