नई दिल्ली/मुंबई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने एक बार फिर अपनी जुबान से आग लगा दी है. इस बार उन्होंने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है. चव्हाण ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के व्यापारिक संबंधों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री के अपहरण तक की आशंका जता दी है. उनका यह बयान वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के संदर्भ में आया है. चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका भारत में भी वेनेजुएला जैसी हरकत करेगा. उनके इस विवादित बयान ने पूरे देश में सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. इससे पहले भी वह भारतीय सेना के ऑपरेशन्स पर सवाल उठाकर विवादों में रहे हैं. उनके लगातार आ रहे इन बयानों से ऐसा लगता है जैसे वह भारत और सेना को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते.
क्या भारत में भी होने वाला है वेनेजुएला जैसा बड़ा कांड? यह क्या बोल गए चव्हाण
पृथ्वीराज चव्हाण ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए भारत की तुलना वेनेजुएला से कर दी. उन्होंने कहा कि जो हाल वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का हुआ, क्या वही भारत में भी होगा. चव्हाण ने खुलेआम पूछा कि क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण कर लेंगे. यह टिप्पणी अमेरिकी सीआईए द्वारा वेनेजुएला में किए गए कथित गुप्त ऑपरेशन के बाद आई है. चव्हाण ने आरोप लगाया कि भारत सरकार इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चुप है.
उनका मानना है कि जो कल वेनेजुएला में हुआ वह कल भारत में भी हो सकता है. चव्हाण ने कहा कि एक चुने हुए राष्ट्रपति का अपहरण करना संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के खिलाफ है. उन्होंने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम अमेरिकियों से डरे हुए हैं. रूस और चीन ने इस पर स्टैंड लिया है लेकिन भारत चुप है. इस तरह का डर दिखाना कांग्रेस नेता की हताशा को साफ जाहिर करता है.
ट्रंप के 50 परसेंट टैरिफ से डर गई है कांग्रेस?
चव्हाण ने भारत और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. उनके अनुसार इतने भारी टैक्स के साथ व्यापार करना मुमकिन नहीं है. इसका सीधा मतलब भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात को पूरी तरह से रोकना है. चूंकि अमेरिका सीधा प्रतिबंध नहीं लगा सकता, इसलिए वह टैरिफ को हथियार बना रहा है.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत को इसका बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा. हमारे लोगों को जो मुनाफा निर्यात से होता था, वह अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हमें अब नए बाजारों की तलाश करनी होगी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पहले ही ठप हो चुका है. लेकिन व्यापारिक मुद्दों को प्रधानमंत्री के अपहरण से जोड़ना किसी के गले नहीं उतर रहा है.
क्या ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का अपमान भूल गए चव्हाण?
यह पहली बार नहीं है जब पृथ्वीराज चव्हाण ने विवादित बयान दिया हो. पिछले महीने उन्होंने भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि इस ऑपरेशन के पहले दिन ही पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया था. उन्होंने यहां तक कह दिया कि भारतीय विमानों को उड़ान भरने से भी रोक दिया गया था. उनके इस बयान से पूरी दुनिया में भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई.
पीएम मोदी के अपहरण की आशंका जताकर कांग्रेस नेता ने खुद ही विवादों को न्योता दिया. (File Photo : PTI)
भाजपा ने तब भी उन पर जोरदार हमला बोला था. चव्हाण ने अपने उस बयान के लिए माफी मांगने से भी साफ इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि वह अपनी बात पर कायम हैं और कुछ भी गलत नहीं कहा है. सेना की वीरता पर सवाल उठाना अब कांग्रेस नेताओं की पहचान बनता जा रहा है. चव्हाण के ऐसे बयानों से उनकी अपनी पार्टी के नेता भी असहज नजर आ रहे हैं.
राहुल गांधी क्यों चुप हैं? बीजेपी ने पूछा सवाल
पृथ्वीराज चव्हाण के इस ताजे बयान पर बीजेपी ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस हर दिन एक नए निचले स्तर पर गिर रही है. भारत की तुलना वेनेजुएला से करना कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी भारत में अराजकता फैलाना चाहते हैं. वे विदेशी ताकतों को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए उकसा रहे हैं.
भाजपा नेताओं ने पूछा कि आखिर राहुल गांधी इन नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं करते. उधर कांग्रेस के कुछ नेताओं ने चव्हाण के बयान से खुद को अलग कर लिया है. उनका कहना है कि सेना पर दिया गया बयान चव्हाण का निजी विचार हो सकता है. लेकिन प्रधानमंत्री के अपहरण वाली बात ने कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल दिया है.

