नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 नवंबर तक भूटान की यात्रा पर रहेंगे. इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग के विशेष संबंधों को मजबूत करना है. भारत और भूटान की दोस्ती का एक लंबा इतिहास है, जहां से दोनों के रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू हुआ. पीएम मोदी फिर से भूटान दौरे पर जा रहे हैं, जो ड्रैगन किंगडम से भारत की गहरी दोस्ती को दिखाता है.
भारत–भूटान संबंध/ PM की भूटान यात्रा के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारियां
1. राजनयिक संबंध
भारत और भूटान के बीच राजनयिक संबंध 1968 में स्थापित हुए थे. इन संबंधों का मूल ढांचा 1949 में हस्ताक्षरित “भारत–भूटान मैत्री और सहयोग संधि” है, जिसे फरवरी 2007 में संशोधित किया गया.
2. राजनीतिक और आधिकारिक आदान-प्रदान
भारत और भूटान के बीच नियमित उच्चस्तरीय दौरे और बातचीत विशेष मित्रता का प्रतीक हैं.
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भूटान का दौरा किया.
* अगस्त 2019 में उन्होंने दूसरी बार भूटान का दौरा किया.
* मार्च 2024 में उन्होंने भूटान की राज्य यात्रा की, जहां उन्हें “ऑर्डर ऑफ द द्रुक ग्यालपो”, भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया.
3. भूटान के राजा की यात्राएं
भूटान के राजा ने सितंबर 2024, नवंबर 2023, दिसंबर 2024 और फरवरी 2025 में भारत की यात्राएं कीं.
* उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ मेले में विशेष रूप से भाग लिया.
* अप्रैल 2025 में असम में जोगीगोफा इनलैंड वाटरवे टर्मिनल का दौरा किया.
4. भूटान के प्रधानमंत्री की यात्राएं
भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग टोबगे ने जनवरी 2024 में पद ग्रहण के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत का दौरा किया (मार्च 2024).
* उन्होंने जून 2024 में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया.
* फरवरी 2025 में वे भारत आए और SOUL Conclave में मुख्य वक्ता रहे.
* सितंबर 2025 में राजगीर में भूटानी मंदिर के शिलान्यास में शामिल हुए.
5. विदेश मंत्री स्तर की बैठकें
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की नियमित बैठकें होती रही हैं – जैसे जून 2019, अप्रैल 2022 और मार्च 2025 में.
विकास सहयोग
भारत 1971 से भूटान की पंचवर्षीय योजनाओं में साझेदार रहा है.
* वर्तमान 13वीं योजना के लिए भारत ने ₹10,000 करोड़ की सहायता दी है.
* इसके तहत तीन मदों में सहायता दी जा रही है – 1. प्रोजेक्ट टाइड असिस्टेंस (PTA), 2. हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (HICDP) और 3. प्रोग्राम ग्रांट व इकोनॉमिक स्टिम्यूलस पैकेज (ESP)
* अब तक 283 HICDP परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और ₹1000 करोड़ जारी किए जा चुके हैं.
ऊर्जा सहयोग
भारत और भूटान के बीच जलविद्युत क्षेत्र में लम्बे समय से सहयोग है.
* अब तक 5 प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं – चुखा (336 MW), कुरिचू (60 MW), ताला (1020 MW), मंगदेछू (720 MW), पुनात्संगछू-II (1020 MW, अगस्त 2025 में पूर्ण), पुनात्संगछू-I (1200 MW) निर्माणाधीन है.
* दोनों देशों ने 2024 में India-Bhutan Energy Partnership Vision पर सहमति जताई.
भारत ने भूटान को भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज (IEX) में बिजली व्यापार की अनुमति दी है और जरूरत के समय बिजली आयात की सुविधा भी दी है.
व्यापार और संपर्क
* भारत और भूटान के व्यापार संबंध 2007 की मैत्री संधि और 2016 के व्यापार और पारगमन समझौते से संचालित हैं.
* भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है.
* 2024 में द्विपक्षीय व्यापार ₹10,000 करोड़ से अधिक पहुंच गया.
* भारत ने भूटान को आवश्यक वस्तुओं के निर्यात पर किसी भी प्रतिबंध से मुक्त रखा है.
कनेक्टिविटी परियोजनाएं
* 29 सितंबर 2025 को भारत–भूटान रेल संपर्क के लिए MoU साइन हुआ.
* (a) कोकराझार–गेलेफू (69 किमी)
* (b) बनारहाट–सामत्से (20 किमी)
कुल लागत: ₹4033.34 करोड़
* असम के दर्रांग में 2024 में इमिग्रेशन चेक पोस्ट शुरू हुई.
* जोगीगोफा इनलैंड वाटरवे टर्मिनल से व्यापारिक संपर्क को बढ़ावा मिलेगा.
नए और उभरते क्षेत्र
अंतरिक्ष सहयोग
* 2019 में भारत ने भूटान सैटेलाइट (BHUTAN SAT) विकसित करने में सहयोग किया.
* नवंबर 2022 में यह उपग्रह ISRO द्वारा लॉन्च किया गया.
फिनटेक सहयोग
* RuPay कार्ड 2019 और 2020 में भूटान में शुरू किए गए.
* BHIM-UPI 2021 में लॉन्च हुआ.
ग्यालसंग कार्यक्रम
* भारत ने भूटान के Gyalsung National Service Programme के लिए ₹200 करोड़ की सहायता दी.
* ₹1500 करोड़ का रियायती ऋण प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए दिया गया.
गीलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC)
* भारत ने इस भूटानी परियोजना को पूरा समर्थन दिया है, जो एक सेवा क्षेत्र आधारित प्रशासनिक क्षेत्र होगा और रोजगार के अवसर सृजित करेगा.
जन–से–जन संबंध
* हर वर्ष लगभग 1500 भूटानी छात्र भारत में विभिन्न छात्रवृत्तियों पर अध्ययन करते हैं.
* पिछले दशक में 3000 से अधिक भूटानी अधिकारियों ने भारत में ITEC प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
* इंडिया-भूटान फाउंडेशन (IBF) 2003 से शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान आदि क्षेत्रों में कार्य कर रहा है.
बौद्धिक और सांस्कृतिक संबंध
* भूटानी श्रद्धालु भारत के बौद्ध स्थलों (बोधगया, नालंदा, राजगीर, सारनाथ आदि) की यात्रा करते हैं.
* राजगीर में भूटानी मंदिर का निर्माण 4 सितंबर 2025 को उद्घाटित होगा.
भारतीय नागरिकों की भूमिका
* लगभग 50,000 भारतीय भूटान में कार्यरत हैं – अवसंरचना, शिक्षा, ऊर्जा, और व्यापार क्षेत्रों में. उनका योगदान भूटान के विकास में महत्वपूर्ण रहा है.

