शनिवार को अजमेर में होगी सुनवाई
विष्णु गुप्ता ने प्रेस नोट और वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और किसी भी प्रकार की सरकारी पहल इससे संबंधित सुनवाई को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि जब तक कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक कोई चादर या धार्मिक प्रस्तुति न भेजी जाए। इस मामले की सुनवाई शनिवार को सिविल जज अजमेर की अदालत में होगी।
जानें क्या है अजमेर दरगाह-मंदिर विवाद
वकील के माध्यम से दायर याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि प्रधानमंत्री को चादर भेजने से रोका जाए, ताकि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि अजमेर दरगाह-मंदिर विवाद लंबे समय से चर्चा में है। बता दें कि हिंदू सेना की ओर से दरगाह क्षेत्र में मंदिर के अस्तित्व को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। हिंदू सेना का दावा है कि अजमेर में बनाई गई दरगाह पहले शिव मंदिर के तौर पर स्थापित था। अजमेर दरगाह केस की धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा गर्म है। अब सबकी नजरें अदालत की शनिवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

