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बिहार की राजनीति में ये क्या हो रहा है? सीएम नीतीश कुमार के पाला बदलने की खबर पर विराम लगा तो अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एनडीए को आंख दिखाना शुरू कर दिया है. क्या बिहार चुनाव से पहले कुछ बड़ा होने वाल…और पढ़ें
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बार-बार क्यों मंत्रिपद छोड़ने की धमकी दे रहे हैं?
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले क्या बड़ा खेल होने वाला है? सीएम नीतीश कुमार के पाला बदलने की खबर पर अभी-अभी विराम लगा ही था कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पाला बदलने की खबरें जोर पकड़ने लगी है. एलजेपी नेता पशुपति पारस के पाला बदलने के बीच अब मांझी की भी पाला बदलने की खबरें राजनीतिक गलियारे में उड़ने लगी है. खास बात यह है कि अगर आरजेडी या कांग्रेस की तरफ से यह अफवाह उड़ती तो समझा जा सकता था. लेकिन, जीतन राम मांझी ने खुद इसको हवा देना शुरू कर दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पीएम मोदी का एहसान जीतन राम मांझी भूलने वाले हैं?
बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर के बीच विधानसभा के चुनाव होने हैं. लेकिन, चुनाव से पहले एनडीए में दवाब की राजनीति मांझी ने शुरू कर दी है. मांझी इस बात से नाराज हैं कि एलजेपी रामविलास के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से उनको कम तवज्जो मिलता है. वह बार-बार बोल रहे हैं कि बीजेपी उन्हें दिल्ली और झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सीट नहीं दिया. जबकि, वह भी एनडीए में हैं. मांझी मीडिया में आकर लगातार बोल रहे हैं.
नीतीश के बाद अब मांझी को लेकर राजनीति गर्म
बता दें कि पीएम मोदी ने जीतन राम मांझी को पिछले साल एक सांसद होने के बावजूद कैबिनेट मंत्री बनाकर बड़ा सम्मान दिया. वहीं, जीतन राम मांझी अब बोल रहे हैं कि लगता है कि मुझे कैबिनेट छोड़ना पड़ेगा? ऐसे में क्या मांझी केंद्र सरकार पर दवाब बना रहे हैं? जीतन राम मांझी ने मंगलवार को एक बार फिर से मुंगेर में कैबिनेट से इस्तीफा देने की बात बोलकर राजनीति गर्मा दिया है. मांझी बार-बार बोल रहे हैं कि वह भी ताकत दिखाना चाहते हैं. इससे एनडीए को ही फायदा होगा.
क्या गच्चा देंगे मांझी?
ऐसे में सवाल उठता है कि जब बिहार चुनाव में एनडीए के भीतर टिकटों का बंटवारा अभी तक नहीं हुआ है तो मांझी ने क्यों अभी से ही बागी रुख अख्तियार कर लिया है? क्या जीतन राम मांझी केंद्र में अपना मंत्री पद बरकरार रखने के लिए एनडीए पर प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं? आपको बता दें कि मोदी सरकार-3 के शपथ ग्रहण के दिन पहले तो मांझी का नाम मंत्री पद के लिए चला था. लेकिन, बाद में उनका नाम कट गया था. इस बात की भनक लगते ही वह सीधे राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे थे.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो तब पीएम मोदी ने उनके एनडीए के प्रति समर्पण और उनके राजनीतिक कद को देखते हुए कैबिनेट मंत्री बना दिया. लेकिन, अब वही मांझी पीएम मोदी और एनडीए को खुलेआम धमकी देने लगे हैं.
January 21, 2025, 20:17 IST

