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PM Modi 10 Rupees Jhalmuri Vs Mamata Banerjee Dance Politics: बंगाल चुनाव में पीएम मोदी ने पारंपरिक भाषणों से इतर ‘पर्सनल कनेक्ट’ का नया मॉडल पेश किया है। झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाना, पुरुलिया में बच्चे के लिए भाषण रोकना और बंगाली में संवाद, ये महज घटनाएं नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति हैं। पीएम मोदी ने कैसे टीएमसी और ममता बनर्जी के ‘बाहरी’ के ठप्पे को अपनी सादगी से धो रहे हैं. जानें झाड़ग्राम में झालमुड़ी खाने से लेकर पुरुलिया में भावुक होने तक, पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव में ‘पर्सनल कनेक्ट’ का मास्टरस्ट्रोक कैसे खेला है?

बंगाल चुनाव में पीएम मोदी ने पारंपरिक भाषणों से इतर ‘पर्सनल कनेक्ट’ का नया मॉडल पेश किया है.
कोलकाता. बंगाल चुनाव में क्या मोदी ने झालग्राम रैली के बाद नया नैरेटिव सेट कर दिया? बीते 24 घंटे से देश में चर्चा हो रही है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण की शैली और अंदाज बदलकर बंगाल चुनाव का नया नैरेटिव सेट कर दिया है. पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में इस बार मुद्दों से ज्यादा मोदी की अंदाज की चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार अपनी रैलियों को केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि वे अपने आपको आम जनता से सीधे कनेक्ट कर लिया है, जिसकी काट टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के पास नहीं है. हलांकि, ममता बनर्जी भी रैलियों में और अपने रोड-शो में पर्सनल कनेक्ट करने के लिए ‘डांस’ कर रही हैं. बाहरी का नैरेटिव सेट कर रही हैं. लेकिन रविवार को झालग्राम की रैली के बाद पीएम मोदी की 10 रुपये की झालमुड़ी ने बंगाल चुनाव का नया नैरेटिव सेट कर दिया है. इससे टीएमसी के ‘बाहरी’ वाले नारे की हवा निकाल गई है. इसकी चर्चा न केवल सोशल मीडिया, बल्कि बंगाल की चाय की दुकानों पर भी हो रही है. बंगाल में पीएम मोदी ने झालमुड़ी के जरिए नया विषय छेड़ दिया है.
झाड़ग्राम की रैली के बाद पीएम मोदी का अचानक एक दुकान में जाना और झालमुड़ी खाना महज एक इत्तेफाक नहीं था. दुकानदार से ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो’ कहना और अपनी जेब से 10 रुपये निकालकर देना, बंगाली मध्यम वर्ग के सादा जीवन के दर्शन से मेल खाता है. भाजपा इसे विश्वसनीय सादगी बता रही है. वहीं, टीएमसी ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ की वजह से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हैलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली, जिसे उन्होंने आदिवासी विरोधी मानसिकता करार दिया.

