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Minimum Pension & DA : केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री ने संसद में कहा है कि सरकार को न्यूनतम पेंशन 1,000 से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने पर कई सिफारिश मिली है. साथ ही महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़ने की भी डिमांड है. उन्होंने इन दोनों ही मुद्दों पर संसद में सरकार का पक्ष रखा और बताया कि इस क्या फैसला लिया जाना है.
ईपीएस के तहत अभी 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन मिलती है.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एम्पलॉयी पेंशन फंड यानी ईपीएस-95 की जगह ईपीएस-2026 लागू कर दिया है और अब पेंशन बढ़ाने पर विचार चल रहा है. कर्मचारी संगठनों ने लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग उठाई है और इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की डिमांड रखी है. साथ ही महंगाई भत्ते को मूल वेतन के साथ जोड़ने की भी मांग कर रहे हैं. अब सरकार ने इन दोनों ही मुद्दों पर संसद में अपनी बात रखी है. श्रम एवं रोजगार राजमंत्री शोभा करंदलाजे ने संसद में इन सभी सवालों का जवाब दिया और पेंशन बढ़ाने व डीए पर सरकार की मंशा बताई.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ट्रेड यूनियन, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की ओर से सरकार को न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ते को मूल वेतन के साथ जोड़ने की डिमांड मिली है. पेंशन के मुद्दे पर कहा कि ईपीएस-95 (अब ईपीएस-26) एक डिफाइंड कंट्रीब्यूशन-डिफाइंड बेनिफिट स्कीम है. इसका मतलब है कि इसमें जितना निवेश किया जाएगा, उतना ही लाभ मिलेगा. यह सामाजिक सुरक्षा वाली योजना है, जो पूरी तरह योगदान पर निर्भर करती है.
अभी क्या है पेंशन का नियम
ईपीएस-95 या 26 के तहत पेंशन का मौजूदा नियम इसके अंशधारकों को मिनिमम 1,000 रुपये की निश्चित पेंशन तय करता है. अभी पेंशन फंड में नियोक्ता की ओर से 8.33 फीसदी का योगदान दिया जाता है, जो पीएफ खाते में जमा किए गए मूल वेतन के 12 फीसदी रकम का हिस्सा होता है. इसमें केंद्र सरकार की ओर से भी 1.16 फीसदी का योगदान किया जाता है. ईपीएफओ का योगदान अभी अधिकतम 15,000 रुपये की सैलरी पर ही किया जा सकता है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार न्यूनतम 1,000 की पेंशन के लिए खुद भी सपोर्ट करती है और इसे 7,500 रुपये तक बढ़ाने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है.
पेंशन बढ़ाने पर क्या है मंशा
शोभा करंदलाजे ने कहा कि सरकार ने ईपीएफओ के तहत अंशदान देने वाले कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने पर मिले आवेदन को लेकर विचार किया है. इस पर मंथन चल रहा है, लेकिन ऐसा कोई भी फैसला लेते समय पेंशन फंड के योगदान और भविष्य की देनदारियों को लेकर विचार करना होगा. फिलहाल इस पर कोई विचार नहीं किया गया है और आने वाले समय में सभी हितधारकों से बातचीत करके ही इस पर आगे बढ़ा जाएगा.
महंगाई भत्ते पर क्या है तैयारी
8वें वेतन आयोग की जबसे घोषणा हुई है, कम्रचारियों में इस बात को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या सरकार मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन के साथ जोड़ देगी अथवा नहीं. कर्मचारी संगठनों ने वेतन आयोग के साथ बैठक के दौरान भी इसकी डिमांड रखी है. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से महंगाई भत्ते को मूल वेतन के साथ जोड़ने पर कोई ऐलान नहीं हुआ है. नियम यही कहता है कि अगर वेतन आयोग के समय महंगाई भत्ता 50 फीसदी से ज्यादा हो तो उसे मूल वेतन में जोड़ दिया जाना चाहिए.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

