नई दिल्ली (Optometrist Courses). आंखों की जांच के बारे में बात करते समय हम अक्सर ‘आई डॉक्टर’ (Eye Doctor) शब्द का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन वास्तव में आंखों की देखभाल करने वाले प्रोफेशनल की 2 प्रमुख कैटेगरी होती हैं और दोनों की योग्यता अलग होती है. ऑप्टोमेट्रिस्ट (Optometrist) प्राइमरी हेल्थ केयर प्रोफेशनल होते हैं. ये आंखों और दृष्टि की जांच, Refraction करके चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का प्रिस्क्रिप्शन देने, आंखों की सामान्य समस्याओं का पता लगाने और उनके मैनेजमेंट में मदद करते हैं.
आंखों की जांच के लिए जरूरी योग्यता
आंखों की जांच और प्रिस्क्रिप्शन लिखने के लिए इन डिग्री और कोर्स की जरूरत होती है:
1. ऑप्टोमेट्रिस्ट (Optometrist) बनने के लिए
ऑप्टोमेट्रिस्ट बनने और स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए भारत में 4 साल का कोर्स पूरा करना जरूरी है:
बीएससी ऑप्टोमेट्री (B.Sc. Optometry): यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है. इसमें विजन साइंस, रिफ्रैक्शन, लेंस निर्धारण और आंखों की स्थितियों के प्रबंधन का गहन अध्ययन शामिल होता है.
बी. ऑप्टोम (B.Optom): यह भी 4 साल का बैचलर कोर्स होता है (इसमें इंटर्नशिप शामिल हो सकती है).
2. अन्य सहायक योग्यताएं
ऑप्टोमेट्री में डिप्लोमा: यह 2 या 3 साल का कोर्स होता है. इस कोर्स को पूरा करने वाले आमतौर पर नेत्र सहायक या ऑप्टिशियन के रूप में काम करते हैं. इनकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से चश्मे के फ्रेम और लेंस को सही प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार बनाने (डिस्पेंसिंग) की होती है.
लेंसकार्ट जैसे रिटेल स्टोर पर कौन जांच करता है?
लेंसकार्ट और टाइटन आई प्लस जैसे बड़े ऑप्टिकल रिटेल स्टोर पर आंखों की जांच करने वाले कर्मचारियों के पास आमतौर पर ऑप्टोमेट्री में डिग्री या डिप्लोमा होता है.
योग्यता: इन स्टोर पर काम करने वाले लोग अक्सर ऑप्टोमेट्रिस्ट या अनुभवी ऑप्टिशियन होते हैं. ये प्रोफेशनल मुख्य रूप से दृष्टि जांच (Vision Check) करते हैं और ग्राहकों को चश्मे या लेंस का प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) देते हैं.
कार्यक्षेत्र: ये जांचें मुख्य रूप से Refraction पर केंद्रित होती हैं यानी यह पता लगाना कि आपको किस पावर के चश्मे की जरूरत है. हालांकि, डायबिटीज या हाई बीपी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले ग्राहकों को क्लिनिकल आंखों की जांच (नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा) कराने की सलाह दी जाती है.
ऑप्टोमेट्री कोर्स की फीस और कमाई (भारत में)
ऑप्टोमेट्री के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए फीस और कमाई (सैलरी) आपके अनुभव और संस्थान पर निर्भर करती है:
| कोर्स | अवधि | औसत वार्षिक फीस |
| बी.एससी. ऑप्टोमेट्री/बी. ऑप्टोम | 4 वर्ष | ₹50,000 से 2,00,000 (प्राइवेट कॉलेज) |
| ऑप्टोमेट्री में डिप्लोमा | 2-3 वर्ष | ₹7,000 से ₹1,00,000 (प्रति वर्ष) |
नोट: एम्स (AIIMS) जैसे सरकारी संस्थानों में फीस कम होती है (लगभग ₹1,200 प्रति वर्ष).
ऑप्टोमेट्रिस्ट की औसत कमाई
| पद/अनुभव | औसत वार्षिक वेतन (INR) |
| शुरुआती ऑप्टोमेट्रिस्ट | ₹2 लाख से ₹5 लाख |
| अनुभवी ऑप्टोमेट्रिस्ट (5+ वर्ष) | ₹4.6 लाख से ₹7 लाख+ |
| डिप्लोमा धारक/नेत्र सहायक | ₹2 लाख से ₹4 लाख |
टॉप रिक्रूटर: टाइटन आई प्लस, लेंसकार्ट, डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल आदि. अनुभवी ऑप्टोमेट्रिस्ट खुद का ऑप्टिकल क्लिनिक खोलकर भी अच्छी कमाई कर सकता है.

