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Online Shopping : ऑनलाइन शॉपिंग जितनी आसान है, उतनी ही समस्या भी पैदा कर सकती है. यह मामला भी कुछ ऐसा ही है, जहां एक उपभोक्ता ने स्विगी इंस्टामार्ट से सोनी का गेमिंग कंसोल मंगाया और कंपनी ने यह कहते हुए रजिस्टर करने से इनकार कर दिया कि इसे बेचने वाला सेलर उसका ऑथराइज्ड डीलर नहीं है.
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते समय डीलर का नाम जरूर देखना चाहिए.
नई दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनियों ने शॉपिंग को चुटकियों का खेल बना दिया है. पहले तो डिलीवरी में 2-4 दिन का समय भी लग जाता था लेकिन अब तो चट ऑर्डर-पट डिलीवरी वाला सिस्टम शुरू हो गया है. लेकिन, इस जल्दबाजी में कई बार ग्राहकों को बड़ा खामियाजा भी उठाना पड़ जाता है. अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं और समझ रहे कि इस प्लेटफॉर्म से मंगाए सामान पर कंपनी की पूरी गारंटी भी रहती है तो जरा इस खबर पर नजर डालिए. जहां एक व्यक्ति ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से हजारों रुपये का सामान तो मंगा लिया, लेकिन खराब होने पर कंपनी ने उसे बदलने से इनकार कर दिया. असली मुद्दा तो यह है कि कंपनी ने इसकी जो वजह बताई, वह आपको को बाल नोचने के लिए मजबूर कर देगी.
यह सारा मामला जुड़ा है क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट से. एक उपभोक्ता ने स्विगी इंस्टामार्ट के प्लेटफॉर्म से सोनी का पीएस5 गेम कंसोल मंगाया था. इसमें कुछ खराबी होने पर उसे लौटाना चाहा तो सोनी इंडिया ने यह कहते हुए बदलने से इनकार कर दिया कि खरीदार के इनवॉयस पर जिस विक्रेता का नाम लिखा है, वह सोनी का ऑथराइज्ड डीलर नहीं है. खरीदार ने इस पूरे मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर साझा किया है. उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को इस गेम को खरीदने के लिए 70 हजार रुपये का भुगतान किया था. कंसोल पूरी तरह सील पैक आया था और काम भी ठीक कर रहा था, लेकिन बाद में इसमें कुछ खराबी आ गई.
गेमिंग कंसोल में क्या समस्या आई
गेमिंग कंसोल खरीदने वाले यूजर ने बताया कि समस्या तब शुरू हुई जब इस गेम को रजिस्टर करना शुरू किया. सोनी के सपोर्ट सिस्टम ने विक्रेता का नाम, इनवॉयस, सीरीयल नंबर और वारंटी कार्ड की फोटो अपलोड करने के लिए पूछा. सोनी इंडिया ने बताया कि स्विगी इंस्टामार्ट पर जिस सेलर ने इस गेमिंग कंसोल को बेचा है, उसके सेलर का नाम पीवाईडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (अवंतिका) है और इनवॉयस पर भी यही नाम लिखा है, लेकिन यह ऑथराइज्ड डीलर नहीं है. यही वजह है कि कंसोल को सोनी के सिस्टम पर रजिस्टर नहीं किया जा सकता है.
इंस्टामार्ट ने कई बार मांगी माफी
सोनी का गेमिंग कंसोल खरीदने वाले उपभोक्ता ने बताया कि इंस्टामार्ट ने अभी तक 6 बार माफी मांगी है. अब इस प्लेटफॉर्म ने कोई भी जिम्मेदारी लेने के बजाय सीधे ब्रांड यानी सोनी से संपर्क करने के लिए कहा है. इसके बाद ग्राहक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की और लीगल नोटिस भी भेज दिया है. सोनी ने ग्राहक को बताया है कि स्विगी इंस्टामार्ट पर अभी कंपनी का कोई ऑथराइज्ड डीलर नहीं है. सिर्फ जेप्टो पर कुछ सेलर हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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