
80% भारतीयों ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन किया.81% का मानना है कि इससे जनता का पैसा बचेगा.लगभग 50% को उम्मीदवारों के बीच भ्रम की उम्मीद नहीं है.
One Nation One Election: देश में एक देश एक चुनाव को लेकर चर्चा तेज है. एक साथ चुनाव कराने संबंधी दो विधेयकों पर विचार के लिए गठित संसदीय समिति की बुधवार को पहली बैठक हुई. संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश विधि (संशोधन) विधेयक को हाल ही में शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था और समिति को भेजा गया था. तमात चर्चाओं के बीच News18 ने सर्वे किया है. आइए इस खबर में जानते हैं एक देश एक चुनाव पर देश के लोगों का क्या मत है.
न्यूज18 इंडिया ने भारत के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 4573 लोगों का इंटरव्यू लिया. यह सर्वेक्षण 23 दिसंबर से 31 दिसंबर, 2024 के बीच किया गया था.
सवाल: क्या आप लोकसभा और विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव कराने का समर्थन करते हैं?
हां: 80 %
नहीं: 16 %
नहीं कह सकते: 4%
सवाल: क्या आप मानते हैं कि एक साथ चुनाव कराने से जनता का पैसा बचेगा?
हां: 81%
नहीं: 13 %
निश्चित नहीं: 6 %
80.1% लोग वन नेशन वन इलेक्शन के साथ
News18 के सर्वे में देश भर में 80.1% लोग वन नेशन वन इलेक्शन (ONOE) के प्रस्ताव का समर्थन किया है. इसका समर्थन मध्य, पूर्व और उत्तर क्षेत्रों में ज़्यादा है. लेकिन दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर में यह अपेक्षाकृत कम है. 81.2% लोगों का मानना है कि एक साथ चुनाव कराने से जनता का पैसा बचेगा और खर्च कम होगा. ज़्यादातर (80.8%) लोगों का मानना है कि कम चुनावों से दैनिक जीवन में रुकावटें कम होंगी.
लोगों ने माना खर्च होगा कमा
- दक्षिण और पश्चिम, जहां ONOE को कम समर्थन मिला, वहां भी मतदाताओं ने माना कि इससे चुनाव खर्च कम होगा (दक्षिण – 69.4%, पश्चिम- 73.3%) और कम चुनावों का मतलब है, जीवन में कम रुकावटें (दक्षिण – 67.5%, पश्चिम- 72.6%).
- लगभग 50% सर्वे में भाग लेने वालों ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उम्मीदवारों और दलों के बीच अंतर करने में मतदाताओं को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा. आधे से ज़्यादा यानी लगभग (55.9%) लोगों को लगता है कि राष्ट्रीय और राज्य चुनावों के लिए एक साथ वोटिंग से मतदाताओं में भ्रम पैदा नहीं होगा.
- हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर एक देश एक चुनाव प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में से भी, लगभग एक तिहाई को लगता है कि एक साथ चुनाव से मतदाताओं में भ्रम पैदा हो सकता है. दक्षिण और पश्चिम में यह आंकड़ा ज़्यादा है.
- सर्वे में भाग लेने वाले ज़्यादातर लोगों ने (72.1%) ने संकेत दिया कि एक साथ चुनाव कराने से मतदान में इज़ाफ़ा होगा. वहीं दो तिहाई से ज़्यादा लोगों (69.9%) का मानना है कि एक साथ चुनाव कराने से भारत में लोकतंत्र मज़बूत होगा. दक्षिण और पश्चिम में इस विचारधारा का समर्थन कम है.
Tags: One Nation One Election, Public Opinion
FIRST PUBLISHED : January 8, 2025, 12:08 IST

