DGCA New FDTL Rules: डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने एयर ट्रैवल को सेफ और पायलट्स को आराम देने के मकसद से बड़ा कदम उठाया है. 1 नवंबर 2025 से पायलट्स के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के सात नए नियम लागू होने जा रहे हैं. ये बदलाव पायलट्स को पर्याप्त आराम देने के मकसद से किए गए है, जिससे वे बिना थके फ्लाइट ऑपरेट कर सकें.
पायलट्स की चेतावनी के बाद डीजीसीए ने दी यह राहत
रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट्स ने चेतावनी देते हुए कहा था कि थकान की हालत में उड़ान भरना न सिर्फ उनके लिए बल्कि पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए भी खतरा है. पायलट्स की इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए ने एफडीटीएल के नियमों में ढील देने का फैसला किया है. डीजीसीए के अनुसार, जुलाई में लागू हुए पहले चरण में पायलट्स को कम से कम 48 घंटे का साप्ताहिक आराम की बात कही गई थी.
इसके अलावा, ड्यूटी पीरियड की अधिकतम सीमा फ्लाइट ड्यूटी टाइम प्लस एक घंटा और हर उड़ान के बाद कम से कम 10 घंटे का आराम अनिवार्य किया गया था. 1 नवंबर से लागू होने वाले दूसरे चरण में भी सुरक्षा पर ध्यान रखते हुए कुछ अस्थायी छूट दी गई है. यह छूट खासतौर पर देश के पूर्वी हिस्से और आसपास के इलाकों में दी जा रही है, जहां सूर्योदय जल्दी होता है और दिन का समय लंबा रहता है.
फिलहाल अस्थाई हैं बदलाव, एयर इंडिया को सीमित छूट
डीजीसीए के अनुसार, ये बदलाव फिलहाल अस्थायी हैं. छह महीने बाद एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ मिलकर इनकी समीक्षा की जाएगी. वहीं, एफडीटीएल के नियमों में एयर इंडिया को सीमित छूट दी गई है. एफडीटीएल के नए नियमों के तहत मिलने वाली यह छूट एयर इंडिया की यूरोप जा रही बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ानों को दी जा रही है. इसके अलावा, यह छूट उन चुनिंदा फ्लाइट्स पर भी लागू होगी, जो सर्दियों के मौसम में पाकिस्तानी एयर स्पेस बंद होने की वजह से लंबा रूट ले रही हैं.
डीजसीए के अनुसार, इन फ्लाइट्स में अधिकतम 30 मिनट तक की अतिरिक्त उड़ान अवधि और 1 घंटे तक का अतिरिक्त ड्यूटी समय सिर्फ उसी स्थिति में मंजूर होगा, जब फ्लाइट समय उड़ान भरने के बाद बढ़ जाए. लेकिन यह छूट उड़ान की योजना बनाते समय लागू नहीं होगी. नियमों के अनुसार, दो पायलट्स वाली उड़ानों के लिए अधिकतम 10 घंटे की उड़ान अवधि और 13 घंटे की ड्यूटी अवधि की सीमा पहले की तरह बनी रहेगी.
हर महीने देनी हेागी फटीग रिपोर्ट और एक्स्ट्रा रेस्ट है अनिवार्य
डीजीसीए ने साफ किया है कि जिन उड़ानों को यह छूट मिली है, उनके लिए पायलट्स से हर महीने फटगी (थकान) संबंधी रिपोर्ट ली जाएगी. साथ ही, उन पायलट्स को एक घंटे का अतिरिक्त आराम भी दिया जाएगा. यह छूट सिर्फ नौ यूरोपियन उड़ानों तक सीमित है और इसे सुरक्षा मानकों की पूरी समीक्षा के बाद मंजूरी दी गई है. डीजीसीए का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया इस बात की मिसाल है कि भारत में एविएशन सेफ्टी से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू किया जा रहा है.

