नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak CBI Chargesheet). मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को लेकर चल रहे विवाद पर हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सीबीआई ने लाखों स्टूडेंट्स की रातों की नींद और सालों की मेहनत पर पानी फेरने वाले इस पेपर लीक मामले में जांच की रफ्तार तेज कर दी है. सीबीआई की हालिया चार्जशीट और जांच की परतों से साफ हो गया है कि यह केवल किसी एक शहर या सेंटर की गड़बड़ी नहीं थी, बल्कि कई राज्यों में फैला सुनियोजित और हाई-टेक आपराधिक सिंडिकेट था.
WhatsApp, टेलीग्राम और पासवर्ड प्रोटेक्टेड फाइल्स का चक्रव्यूह
सीबीआई के दावों के मुताबिक, नीट यूजी पेपर लीक करने वाले गिरोह ने किसी पुरानी तरकीब के बजाय टेक-सैवी तरीकों का इस्तेमाल किया. प्रश्नपत्रों को स्कैन करके एनक्रिप्टेड डिजिटल फाइल के रूप में तैयार किया और फिर इन्हें टेलीग्राम-WhatsApp ग्रुप्स के जरिए सर्कुलेट किया गया. डिजिटल फाइल में पासवर्ड लगाए गए थे, जिन्हें केवल वही लोग खोल सकते थे जिन्होंने माफिया को मोटी रकम चुकाई थी. इस डिजिटल नेटवर्क की वजह से कुछ ही घंटों में पेपर अलग-अलग राज्यों तक पहुंच गया.
‘FIFA वर्ल्ड कप 2026’ कोडनेम और सीक्रेट बैच का खेल
जांच में जो सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है गिरोह की तरफ से बनाए गए स्पेशल बैच. अभ्यर्थियों को झांसा देने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए सिंडिकेट ने ‘FIFA वर्ल्ड कप 2026’ जैसे फैंसी कोडनेम का इस्तेमाल किया. इन ग्रुप्स और बैचेज में चुनिंदा 10-12 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया था, जिन्हें परीक्षा से ठीक 1-2 दिन पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में स्पेशल गाइडेंस के नाम पर लीक किए गए प्रश्नपत्रों के जवाब रटाए गए थे.
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टेस्टिंग एक्सपर्ट और सॉल्वर गैंग की मिलीभगत
नीट यूजी का पेपर सिर्फ लीक ही नहीं किया गया, बल्कि उसके एकदम सटीक उत्तर तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स की एक पूरी टीम लगाई गई थी. मेडिकल और कोचिंग बैकग्राउंड से जुड़े सॉल्वर्स ने बहुत ही कम समय में नीट यूजी का पूरा प्रश्नपत्र हल किया और उनकी उत्तर कुंजी (Answer Key) तैयार की. यही नीट यूजी आंसर की बाद में अभ्यर्थियों को रटवाई गई, जिससे वे परीक्षा हॉल में जाकर बिना सोचे-समझे सही विकल्पों पर टिक लगा सकें.
CBI की कार्रवाई और आगे का रास्ता
सीबीआई ने इस मामले में कई मुख्य साजिशकर्ताओं, बिचौलियों और सॉल्वर्स को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में डिजिटल फॉरेंसिक एविडेंस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और टेलीग्राम चैट को ठोस सबूत के तौर पर पेश किया गया है. सीबीआई की इस कार्रवाई से साफ है कि आने वाले समय में नीट परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने और ऐसे हाई-टेक माफिया पर नकेल कसने के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे.

