International
oi-Siddharth Purohit
Nakhchivan:
दुनिया
में
कई
ऐसे
छोटे-छोटे
देश
हैं
जो
सुर्खियों
से
हमेशा
दूर
ही
रहते
हैं।
लेकिन
इनके
बारे
में
जब
पढ़ने
बैठो
तब
मालूम
पड़ता
है
कि
ये
भले
ही
क्षेत्रफल
की
दृष्टि
से
छोटे
हों,
कम
आबादी
हो
पर
ये
कई
मामलों
में
विकसित
देशों
को
भी
पछाड़
रहे
हैं।
ऐसा
ही
एक
राष्ट्र
है
नखचिवन।
कुछ
लोग
इसे
शहर
मानते
हैं
तो
कुछ
इसे
राष्ट्र।
अज्ञात
ठिकाना
‘नखचिवन’?
नखचिवन
हमेशा
से
एक
अनसुलझा
रहस्य
रहा
है।
सोवियत
संघ
की
नाटो-सदस्य
तुर्की
और
ईरान
से
सटी
सीमा
पर
नखचिवन
की
अनूठी
स्थिति
के
कारण,
यह
एक
गुप्त
एन्क्लेव
था
जो
अधिकांश
सोवियत
नागरिकों
के
लिए
भी
बंद
था।
इस
देश
के
सोवियत
संघ
से
अलग
होने
के
30
साल
बाद
भी,
यह
रूसी
भाषी
दुनिया
और
उससे
बाहर
के
कई
लोगों
के
लिए
अज्ञात
ठिकाने
की
तरह
ही
रहा
है।

शानदार
पर्यटन
और
बेजोड़
सुरक्षा
आज,
अज़रबैजान
का
वीजा
रखने
वाला
कोई
भी
व्यक्ति
इस
क्षेत्र
में
प्रवेश
कर
सकता
है।
हालांकि
यह
यात्रा
करने
के
लिए
अपेक्षाकृत
सुरक्षित
जगह
है,
अधिकारी
सतर्क
रहते
हैं
क्योंकि
यहां
बहुत
कम
विदेशी
आते
हैं।
अज़रबैजान
एयरलाइंस
के
विमान
से
उतरने
और
इमीग्रेशन
डेस्क
से
गुजरने
के
बाद
आपको
पता
चलेगा
कि
पुलिस
और
यहां
के
दूसरे
सिक्योरिटी
अफसरों
को
आपके
आने
की
जानकारी
पहले
से
है।
आपका
पहनावा
और
रंग-ढंग
आपसे
इन्हें
हमेशा
अलग
रखेगा।
आप
चाहे
जितनी
कोशिश
करें
यहां
के
रंग
में
आप
घुल-मिल
नहीं
सकते।
यहां
के
लोग
आपसे
डरेंगे
नहीं
न
ही
आपको
डराएंगे
लेकिन
वे
थोड़े
सतर्क
जरूर
हो
जाते
हैं।
घर
जैसी
साफ-सफाई
सड़कों
पर
मेरे
टैक्सी
आपको
बताते
जाएंगे
कि
आपको
नखचिवन
में
एक
भी
कचरा
नहीं
मिलेगा।
हम
बेदाग
सड़कों
और
साफ
सुतरी
गलियों
से
में
कितना
भी
घूम
लें
आपको
शायद
ही
गंदगी
मिले।
पहला
प्रभाव
अवास्तविक
और
चौंकाने
वाली
स्वच्छता
होगा
जो
ये
राष्ट्र
आपके
ऊपर
छोड़ेगा।।
दूर
ऊंचे
अष्टकोणीय
शिखर
पर
बने
टाइल
वाले
इस्लामी
ज्यामितीय
पैटर्न
आपका
ध्यान
खींचते
रहेंगे,
जिसे
स्थानीय
निवासियों
के
लिए
विशेष
माना
जाता
है।
नोह
का
मकबरा
और
स्थानीय
किंवदंतियां
नोह
का
मकबरा
दुनिया
भर
में
फैले
पैगंबर
के
कम
से
कम
पांच
अंतिम
विश्राम
स्थलों
में
से
एक
है।
स्थानीय
लोग
गर्व
से
अपनी
मातृभूमि
को
“नोह
की
भूमि”
कहते
हैं।
किंवदंती
के
अनुसार,
भयंकर
बाढ़
के
बाद
नोह
का
सन्दूक
माउंट
इलंडाग
पर
उतरा।
कई
नखचिवनी
मानते
हैं
कि
पैगंबर
और
उनके
अनुयायी
यहीं
रहे
और
उनके
वंशज
आज
भी
यहीं
बसते
हैं।
इतिहास
और
जियो
पॉलिटिकल
चुनौतियां
नखचिवन
में
फ़ारसी,
ओटोमन
और
रूसी
शासनकाल
के
सालों
में
मुस्लिम
बहुसंख्यक
समुदाय
विकसित
हुआ।
हाल
के
दशकों
में,
आर्मेनिया
के
साथ
भूमि
विवाद
सोवियत-बाद
के
यूरोप
के
अंतिम
“जमे
हुए
संघर्षों”
में
से
एक
बना
हुआ
है।
1988
में
नखचिवन
को
शेष
अज़रबैजान
और
सोवियत
संघ
से
जोड़ने
वाली
रेलवे
और
सड़कें
बंद
कर
दी
गई
थीं।
क्या
खाते
हैं
नखचिवन
के
लोग?
नखचिवन
में
भोजन
का
विशेष
सम्मान
है।
यहां
नो-पेस्टेसाइड
(कीटनाशक)
और
सभी-जैविक
खाद्य
नीति
अपनाई
गई
है।
मांस,
मछली,
जड़ी-बूटियां,
सब्जियां
और
नमक
सभी
स्थानीय
स्रोतों
से
आते
हैं।
इस
स्वास्थ्य-सचेत
नीति
का
उद्देश्य
निवासियों
को
प्राकृतिक
और
रोगमुक्त
भोजन
उपलब्ध
कराना
है।
इसके
अलावा
अपनी
जरूरत
की
शराब
भी
नखचिवन
खुद
बनाता
है,
न
कि
दूसरों
से
इम्पोर्ट
करता
है।
नमक
की
गुफा
कैसे
बनी
हेल्थ
सिस्टम?
नखचिवन
शहर
से
14
किलोमीटर
दूर
स्थित
दुजदग
नमक
गुफा,
पूर्व
सोवियत
नमक
खदान
के
अंदर
बनी
एक
आरोग्यशाला
है।
यहां
130
मिलियन
टन
शुद्ध
प्राकृतिक
नमक
से
अस्थमा,
ब्रोंकाइटिस
और
अन्य
श्वसन
रोगों
का
इलाज
किया
जा
सकता
है।
बच्चों
और
पर्यटकों
का
समूह
गुफा
में
स्वास्थ्य
लाभ
के
लिए
रात
बिताता
है।
छुट्टी
के
दिन
सरकारी
कर्मचारी
करते
हैं
सफाई
नखचिवन
को
अज़रबैजान
का
सबसे
स्वच्छ
शहर
माना
जाता
है।
सड़कें,
मोटरवे,
पेड़
और
सार्वजनिक
स्थान
बेदाग
हैं।
इसके
पीछे
सरकारी
कर्मचारियों
का
स्वैच्छिक
योगदान
है,
जो
अवकाश
के
दिनों
में
सड़कों
और
हरे-भरे
क्षेत्रों
की
सफाई
करते
हैं।
सबोटनिक
और
सरकारी
नियंत्रण
नखचिवन
में
पेड़
लगाने
और
सार्वजनिक
कार्यों
के
लिए
स्थानीय
लोग
प्रोत्साहित
होते
हैं।
यह
प्रथा
सोवियत-युग
की
“सबोटनिक”
अवधारणा
पर
आधारित
है,
यानी
स्वेच्छा
से
किया
गया
अवैतनिक
श्रम।
हालांकि,
रिपोर्ट
के
अनुसार,
अगर
कोई
व्यक्ति
इस
कार्य
से
इनकार
करता
है,
तो
उसे
सरकारी
नौकरी
से
इस्तीफा
देना
पड़ता
है।
नखचिवन
की
पहेली
नखचिवन
की
यह
स्वच्छता,
स्वास्थ्य-सचेत
जीवन
और
समृद्ध
सांस्कृतिक
विरासत
इसे
एक
अनूठा
और
रहस्यमय
एन्क्लेव
बनाती
है।
वर्तमान
प्रमुख
वासिफ
तालिबोव
के
शासन
के
तहत,
इस
मुफ्त
श्रम
से
राज्य
को
भारी
लाभ
होता
है।
नखचिवन
की
यह
पहेली,
इतिहास,
संस्कृति
और
समकालीन
नीतियों
के
मिश्रण
से
बनी
हुई
है।
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