भोपाल ने ऑरेंज लाइन प्रायोरिटी कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें आठ स्टेशनों के साथ सात किलोमीटर का एलिवेटेड मार्ग शामिल है। परियोजना में पहुंच, सुरक्षा और पर्यावरणीय दक्षता पर जोर दिया गया है, जो सौर ऊर्जा और पुनर्योजी ब्रेकिंग द्वारा समर्थित है, जो शहर की राजधानी को आधुनिक और हरा-भरा बनाने की योजना का हिस्सा है।
India
-Oneindia Staff
राजधानी
भोपाल
में
शनिवार,
20
दिसंबर
को
अत्याधुनिक
मेट्रो
रेल
सेवा
का
शुभारंभ
किया
जाएगा।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
और
केंद्रीय
आवासन
एवं
शहरी
कार्य
मंत्री
मनोहर
लाल
शाम
4
बजे
कुशाभाऊ
ठाकरे
अंतरराष्ट्रीय
कन्वेंशन
सेंटर
में
आयोजित
कार्यक्रम
में
भोपाल
मेट्रो
का
औपचारिक
शुभारंभ
करेंगे।

इसके
बाद
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
और
केंद्रीय
मंत्री
मनोहर
लाल
सुभाष
मेट्रो
स्टेशन
पर
हरी
झंडी
दिखाकर
मेट्रो
को
रवाना
करेंगे।
दोनों
नेता
मेट्रो
में
यात्रा
भी
करेंगे
और
एम्स
पहुंचकर
मीडिया
से
बातचीत
करेंगे।
कार्यक्रम
में
नगरीय
विकास
एवं
आवास
मंत्री
कैलाश
विजयवर्गीय
भी
उपस्थित
रहेंगे।
भोपाल
को
आधुनिक,
हरित
और
सुलभ
राजधानी
बनाने
की
दिशा
में
यह
एक
महत्वपूर्ण
कदम
माना
जा
रहा
है।
भोपाल
मेट्रो
के
पहले
चरण
में
ऑरेंज
लाइन
के
‘प्रायोरिटी
कॉरिडोर’
का
शुभारंभ
किया
जा
रहा
है।
लगभग
7
किलोमीटर
लंबे
इस
कॉरिडोर
में
कुल
8
एलिवेटेड
स्टेशन
शामिल
हैं।
इनमें
एम्स,
अलकापुरी,
डीआरएम
ऑफिस,
रानी
कमलापति
स्टेशन,
एमपी
नगर,
बोर्ड
ऑफिस
चौराहा,
केंद्रीय
विद्यालय
और
सुभाष
नगर
स्टेशन
शामिल
हैं।
यह
मेट्रो
कॉरिडोर
शहर
में
प्रदूषण
कम
करने
में
सहायक
होगा
और
नागरिकों
की
यात्रा
को
अधिक
सरल
व
सुविधाजनक
बनाएगा।
भोपाल
मेट्रो
परियोजना
की
अनुमानित
लागत
10,033
करोड़
रुपये
है।
प्रायोरिटी
कॉरिडोर
की
लंबाई
7
किलोमीटर
है,
जहां
प्रतिदिन
लगभग
3
हजार
यात्रियों
के
सफर
करने
का
अनुमान
है।
*
सुविधाजनक
यात्रा
के
लिए
सभी
स्टेशनों
पर
हाई-स्पीड
लिफ्ट
और
एस्केलेटर
*
दिव्यांगजनों
के
लिए
सुगम
प्रवेश,
व्हीलचेयर
सुविधा
और
ब्रेल
साइनेज
*
उच्च
स्तरीय
सुरक्षा
व्यवस्था:
एआई
आधारित
सीसीटीवी
निगरानी,
प्लेटफॉर्म
स्क्रीन
डोर
और
ग्रेड-4
सिग्नलिंग
सिस्टम
*
पर्यावरण
अनुकूल
तकनीक:
रीजेनेरेटिव
ब्रेकिंग
से
ऊर्जा
उत्पादन
और
सोलर
पावर
का
उपयोग
*
आरामदायक
कोच:
पूर्णत:
वातानुकूलित
कोच,
आरामदायक
सीटिंग
और
मोबाइल
चार्जिंग
प्वाइंट
*
स्मार्ट
तकनीक:
ऑडियो-विजुअल
यात्री
सूचना
प्रणाली
और
अत्याधुनिक
ऑपरेशन
कंट्रोल
सेंटर

