Meghalaya Coal Mine Collapsed: गुरुवार को मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले के एक गांव में एक संदिग्ध गैर-कानूनी कोयला खदान में हुए धमाके में कई मजदूरों की मौत की खबर आ रही है. वहीं, इस हादसे में एक घायल मजदूर घायल हो गया. पुलिस सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस विकास कुमार ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके की है. पुलिस ने साइट पर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) से मदद मांगी है. कुमार ने कहा कि SDRF की टीम अभी आनी बाकी है. शक है कि धमाका साइट पर कोयला माइनिंग के कामों के दौरान हुआ, जिन्हें गैर-कानूनी माना जाता है.
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मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने घटना पर दुख जताया और जांच के आदेश दिए. मुख्यमंत्री के बयान में कहा गया, ‘ईस्ट जयंतिया हिल्स में हुए दुखद कोयला खदान हादसे से बेहद दुखी हूं. जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है. उनके साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.’ संगमा ने बताया कि राज्य सरकार ने घटना की पूरी जांच के आदेश दिए हैं. जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. लोगों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा. इस दुख की घड़ी में राज्य सभी प्रभावित लोगों के साथ है.
मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 18 हुई
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स ज़िले में एक “गैर-कानूनी” कोयला खदान में हुए धमाके के बाद कम से कम 18 मज़दूरों की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. पुलिस महानिदेशक आई नोंग्रांग ने कहा कि बचाव दल तलाशी अभियान में लगे हुए हैं, और बताया कि यह घटना सुबह थांगस्कू इलाके में हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने X पर एक पोस्ट में मोदी के हवाले से कहा, ‘मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में हुए हादसे से दुखी हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना. घायल जल्द से जल्द ठीक हों.’
अब तक 16 लाशें निकली
पुलिस डायरेक्टर जनरल आई नोंग्रांग ने कहा कि मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक गैर-कानूनी कोयला खदान में हुए धमाके के बाद कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई. कई और लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि बचाव दल सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं. बताया कि यह घटना सुबह थांगस्कू इलाके में हुई. उन्होंने कहा, ‘हमने अब तक 16 लाशें निकाली हैं. धमाके के समय खदान के अंदर मौजूद मजदूरों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है. और लोगों के फंसे होने की आशंका है.’ ईस्ट जैंतिया हिल्स के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि धमाके में घायल हुए एक व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए शिलांग के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया.
मरने वालों की पहचान की जा रही है
पुलिस ने कहा कि मरने वालों की पहचान अभी कन्फर्म नहीं हुई है. हालांकि ऐसी खबरें थीं कि मरने वाले असम के रहने वाले हो सकते हैं, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि यह रिपोर्ट फाइल करते समय ऐसे किसी भी दावे को वेरिफाई नहीं किया गया था. गुरुवार की घटना जिले में गैर-कानूनी कोयला माइनिंग को लेकर लगातार चिंताओं के बीच हुई है. इसी थांगस्को इलाके में 23 दिसंबर, 2025 को भी ऐसा ही डायनामाइट ब्लास्ट हुआ था, जिसमें दो माइनर मारे गए थे.
माइनिंग पर रोक लगाई गई है
मेघालय ह्यूमन राइट्स कमीशन (MHRC) ने भी खुद संज्ञान लिया और राज्य सरकार से एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी. गुरुवार के धमाके के साथ, हाल के हफ्तों में ईस्ट जैंतिया हिल्स में गैर-कानूनी कोयला माइनिंग की घटनाओं में कई मौतें हुई हैं. बताते चलें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला माइनिंग और दूसरे गैर-वैज्ञानिक माइनिंग तरीकों पर बैन लगा दिया था, जिसमें एनवायरनमेंट को नुकसान और सुरक्षा के खतरों का हवाला दिया गया था, साथ ही ऐसे तरीकों से निकाले गए कोयले के गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन पर भी रोक लगाई गई थी.
क्या होती है रैट होल माइनिंग
रैट-होल माइनिंग में पतली सुरंगें खोदी जाती हैं, जो आम तौर पर 3-4 फ़ीट ऊंची होती हैं, ताकि मजदूर अंदर जाकर कोयला निकाल सकें. आड़ी सुरंगों को अक्सर ‘रैट-होल. कहा जाता है. हर सुरंग में लगभग एक आदमी ही आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी रैट होल माइनिंग के बैन को बाद में सही ठहराया था. कोर्ट ने सिर्फ साइंटिफिक और रेगुलेटेड तरीकों के तहत पर्यावरण सुरक्षा उपायों के साथ माइनिंग की इजाज़त दी. जब पूछा गया कि क्या खदान गैर-कानूनी तरीके से चल रही थी? एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हां, ऐसा ही लगता है.’ उन्होंने कहा कि धमाके की वजह अभी पता नहीं चली है, और जांच की जाएगी.

