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Manipur CM N Biren Singh resigns: मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने गवर्नर अजय कुमार भल्ला को इस्तीफा सौंपा. विधायकों ने सीएम के खिलाफ आविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दी थी. मणिपुर में पिछले करीब दो साल से हिंस…और पढ़ें
मणिपुर सीएम ने दिया इस्तीफा. (File Photo)
हाइलाइट्स
- मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया.
- उन्होंने गवर्नर अजय कुमार भल्ला को त्यागपत्र सौंपा.
- विधायक आविश्वास प्रस्ताव की धमकी दे रहे थे.
नई दिल्ली. मणिपुर में पिछले करीब दो साल से जारी हिंसा के बीच रविवार को सीएम एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. बढ़ते मतभेदों के बीच उन्होंने इंफाल के राजभवन में गवर्नर अजय कुमार भल्ला को अपना त्यागपत्र सौंपा. खास बात यह है कि आज मणिुपर सरकार को विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत करनी है. इससे ठीक एक दिन पहले सीएम ने पद छोड़ दिया है. मणिपुर में इस वक्त बीजेपी की सरकार है. एन बीरेन के खिलाफ बढ़ते गतिरोध के बीच विधायकों के एक बड़े गुट ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दी थी. चलिए हम आपको मणिपुरी पॉलिटिकल क्राइसेस से जुड़े 5 बड़े अपडेट के बारे में बताते हैं.
अमित शाह ने दिल्ली बुलाया
एन बीरेन ने रविवार सुबह-सुबह दिल्ली पहुंचे. उन्हें मुलाकात के लिए दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तलब किया था. उन्होंने प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में गृह मंत्री को अवगत कराया. अपनी ही पार्टी के विधायकों में बढ़ते गतिरोध को देखते हुए अमित शाह परिस्थितियों को अच्छे से भांप चुके थे. ऐसे में एन बीरेन को पद से इस्तीफा देने का निर्देश दिया गया.
संबित पात्रा को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
अमित शाह से मुलाकात के बाद बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने सांसद संबित पात्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई. उन्हें मणिपुर में शांतिपूर्वक पूरे विवाद को निपटाने के लिए एन बीरेन के साथ प्रदेश भेजा गया. पात्रा पहले सीएम के साथ राजभवन इस्तीफा देने के लिए पहुंचे, फिर उन्होंने राज्य के मंत्रियों और विधायकों के साथ पूरे विवाद पर चर्चा की.
एन बीरेन की बैठक से विधायकों ने काटी कन्नी
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक सीएम पद से इस्तीफा कई महीनों की अशांति और कई राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच पार्टी की आंतरिक चर्चा के बाद आया है. दिल्ली आने से पहले सीएम ने आगामी बजट सत्र पर आधिकारिक रूप से चर्चा करने के लिए सभी भाजपा और गठबंधन विधायकों के साथ इम्फाल में सीएम सचिवालय में एक बैठक बुलाई थी. इस बैठक का असल उद्देश्य पार्टी विधायकों के बीच समर्थन का आकलन करना था. इस चर्चा में केवल 21 विधायकों ने हिस्सा लिया.
सीएम के खिलाफ विधायकों की गुप्त बैठक
इस बीच शनिवार को एक अज्ञात स्थान पर बागी विधायकों ने बैठक बुलाई थी, जिसमें बीरेन सिंह के नेतृत्व से नाराज विधायकों ने हिस्सा लिया. इस दौरान सभी ने सीएम के खिलाफ आविश्वास प्रस्ताव लाने मन बना लिया था. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विधायकों की नाराजगी से अच्छे से वाकिफ थे. उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को भी इस बारे में समय रहते सूचना दे दी थी. जिसके बाद अमित शाह ने एन बीरेन सिंह को दिल्ली तलब किया.
मणिपुर BJP ऑफिस में सुबह से ही हलचल
सूत्रों के मुताबिक शनिवार को गुप्त मीटिंग के बाद रविवार को सुबह से ही मणिपुर के बीजेपी कार्यालय में असंतुष्ट विधायकों के साथ चर्चा का दौर चला. इन विधायकों को मनाने का प्रयास किया गया लेकिन वो अपनी बात पर अड़े रहे. जिसके बाद केंद्रीय भाजपा नेतृत्व ने एन बीरेन सिंह को दिल्ली तलब किया और सीएम को साफ-साफ कह दिया गया कि सरकार बचाने के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा.
February 10, 2025, 06:53 IST

