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LPG Cylinder Booking Update: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पालम और द्वारका में चल रहे बड़े गैस रिफिलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान 137 अवैध LPG सिलेंडर और 10 वाहन जब्त किए हैं. इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये लोग गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर उन्हें ब्लैक मार्केटिंग के लिए जमा करते थे और अवैध तरीके से रिफिलिंग कर रहे थे.

गैस एजेंसी के कर्मचारी ही निकले लुटेरे: खाली सिलेंडर में भरी जा रही थी अवैध LPG. (Photo : Generative AI)
नई दिल्ली: राजधानी के रिहायशी इलाकों में अवैध गैस रिफिलिंग का एक ऐसा खेल चल रहा था जो कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर पालम और द्वारका सेक्टर-7 की जे.जे. कॉलोनी में छापेमारी की. इस कार्रवाई में पुलिस ने 137 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं. पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है. ये आरोपी गैस एजेंसी से मिलने वाले सिलेंडरों को आम जनता तक पहुंचाने के बजाय अवैध तरीके से स्टोर कर रहे थे. इनके पास से भारी मात्रा में उपकरण और 10 गाड़ियां भी बरामद की गई हैं. यह पूरी कार्रवाई पब्लिक सेफ्टी को ध्यान में रखकर की गई है.
कैसे पकड़ी गई अवैध गैस रिफिलिंग की बड़ी खेप?
क्राइम ब्रांच को खबर मिली थी कि द्वारका के कुछ इलाकों में गैस की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है. पुलिस ने तुरंत एक रेडिंग टीम बनाई और जे.जे. कॉलोनी में छापा मारा. वहां का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. चारों तरफ सिलेंडर बिखरे हुए थे और कुछ सिलेंडर टेंपो और मोटरसाइकिल पर लदे थे. पुलिस ने मौके से कुल 137 सिलेंडर अपने कब्जे में लिए.
क्या सिलेंडर से गैस चोरी कर चल रहा था मुनाफाखोरी का खेल?
पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी गैस एजेंसी से सिलेंडर लेते थे. उन्हें ग्राहकों को देने के बजाय वे एक गुप्त जगह पर ले जाते थे. वहां बड़े सिलेंडरों से छोटे या खाली सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर की जाती थी. इसके लिए वे अवैध मशीनों का इस्तेमाल कर रहे थे. इस तरह वे एक सिलेंडर से गैस बचाकर उसे ऊंचे दामों पर खुले बाजार में बेचते थे.
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने किया LPG सिंडिकेट का भंडाफोड़.
आरोपियों ने सुरक्षा नियमों की धज्जियां कैसे उड़ाईं?
पकड़े गए 11 आरोपियों ने रिहायशी इलाके में सिलेंडरों का अंबार लगा रखा था. गैस रिफिलिंग का यह काम बिना किसी सुरक्षा मानक के किया जा रहा था. पुलिस ने 10 वाहन जब्त किए हैं जिनमें टेंपो, बाइक और साइकिल शामिल हैं. इन गाड़ियों का इस्तेमाल गैस की सप्लाई और तस्करी के लिए होता था. पुलिस अब इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड और गैस एजेंसी की भूमिका की जांच कर रही है.
क्या दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से टला बड़ा हादसा?
अवैध रिफिलिंग के दौरान जरा सी लापरवाही बड़े विस्फोट को जन्म दे सकती थी. पुलिस ने मौके से वजन तौलने वाला कांटा और रिफिलिंग इक्विपमेंट भी बरामद किया है. आरोपियों के पास गैस स्टोर करने का कोई कानूनी लाइसेंस नहीं था. फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें

