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Breaking News Today Live Updates: इथियोपिया में फटे हैली गुब्बी ज्वालामुखी की राख राजस्थान गुजरात होते हुए दिल्ली तक पहुंच गई है. वहीं इस बीच शहर के आसमान धुंधली चादर छाई हुई है. इसे देखते हुए DGCA ने एयरलाइंस …और पढ़ें
इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद उठा विशाल राख का गुबार अब भारत तक पहुंच गया है.
इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद उठा विशाल राख का गुबार अब भारत तक पहुंच गया है. राजस्थान और गुजरात के ऊपर यह राख सबसे पहले दिखाई दी और देर रात होते-होते इसकी परतें दिल्ली के आसमान तक भी पहुंच गईं. ज्वालामुखी की राख के उत्तर भारत में प्रवेश करते ही मौसम और विमानन क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. आसमान में धुंधली चादर छाई है, वहीं दिल्ली में पहले से ही खतरनाक स्तर पर मौजूद प्रदूषण और अधिक भयावह हो गया है.
इसे देखते हुए डीजीसीए ने सभी एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिया है कि राख वाले एयरस्पेस से बचते हुए उड़ान प्लान तय करें. उड़ानों के लिए अतिरिक्त फ्यूल ले जाने, वैकल्पिक रूट चुनने और इंजन की विशेष जांच करने को भी कहा गया है, क्योंकि राख के कण इंजन को नुकसान पहुँचा सकते हैं.
ज्वालामुखी की राख का प्रभाव कम हो या ज्यादा, लेकिन हकीकत यह है कि दिल्ली की हवा पहले से ही गंभीर स्तर पर है. राजधानी का ओवरऑल AQI 363 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद ख़राब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में स्थिति इससे भी अधिक भयावह है.
November 25, 202509:34 IST
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू का भारत दौरा स्थगित
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू का भारत दौरा स्थगित कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों की वजह से यह दौरा रोकने का फैसला लिया गया है.
सूत्रों ने News18 इंडिया को इसकी पुष्टि की है कि नेतन्याहू का भारत दौरा अब फिलहाल नहीं होगा. हालांकि इस दौरे की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई थी, लेकिन अब यह निश्चित है कि योजनाबद्ध यात्रा नहीं हो पाएगी.
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुए हालिया बम धमाके के बाद सुरक्षा आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. इजरायल और भारत, दोनों ही देशों की सुरक्षा एजेंसियाँ इस दौरे को लेकर लगातार समीक्षा कर रही थीं.
नेतन्याहू ने साल 2018 में भारत का दौरा किया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए एक बार फिर भारत आने वाले थे. लेकिन सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह यात्रा एक वर्ष आगे खिसक सकती है. उम्मीद है कि 2026 में नई तारीख तय की जाएगी.
November 25, 202509:14 IST
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार, आज से कई दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम
ज्वालामुखी की राख का प्रभाव कम हो या ज्यादा, लेकिन हकीकत यह है कि दिल्ली की हवा पहले से ही गंभीर स्तर पर है. राजधानी का ओवरऑल AQI 363 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद ख़राब’ श्रेणी में आता है. प्रदूषण के आपात हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा ऐक्शन लिया है. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ उपस्थिति के साथ वर्क फ्रॉम ऑफिस/वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई है. अस्पताल, फायर सर्विस, सफाई, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण जैसी आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है.
November 25, 202508:48 IST
दिल्ली के आसमान पर धुंध की चादर, प्रदूषण पर असर सीमित- IMD महानिदेशक
IMD के महानिदेशक एम. मोपाथरा ने कहा कि इस ज्वालामुखिये राख का गुबार ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है और इसकी वजह से ही आसमान पर धुंध की काली चादर दिख रही है. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि जमीन पर प्रदूषण में भारी वृद्धि की संभावना कम है, लेकिन इस पर निर्णायक मूल्यांकन के लिए 24 घंटे की मॉनिटरिंग जारी है.
November 25, 202508:41 IST
ज्वालामुखी से निकली राख का विमानों की उड़ान पर बड़ा असर, कई फ्लाइट्स कैंसिल या डाइवर्ट
इस ज्वालामुखिये राख की वजह से डीजीसीए ने सभी एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिया है कि राख वाले एयरस्पेस से बचते हुए उड़ान प्लान तय करें. उड़ानों के लिए अतिरिक्त फ्यूल ले जाने, वैकल्पिक रूट चुनने और इंजन की विशेष जांच करने को भी कहा गया है, क्योंकि राख के कण इंजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
इसी बीच इंडिगो और अकासा एयर ने वेस्ट एशिया रूट की कई उड़ानें रद्द और डायवर्ट कीं. अकासा एयर ने जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी के लिए उड़ाने अस्थायी रूप से रोक दी हैं और यात्रियों को रिफंड या फ्री रीबुकिंग की सुविधा दी है. इंडिगो की कन्नूर- अबू धाबी फ्लाइट (6E1433) को राख के कारण अहमदाबाद में डायवर्ट करना पड़ा. अन्य एयरलाइंस भी स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रख रही हैं.
November 25, 202508:34 IST
इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी की राख पहुंची दिल्ली, IMD ने बताया कैसा है खतरा
इथियोपिया के हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद उठा विशाल राख का गुबार राजस्थान और गुजरात होते हुए दिल्ली के आसमान तक भी पहुंच गया है. हालांकि मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि ज्वालामुखी की राख बहुत ऊंचाई पर मौजूद है और इसकी वजह से जमीन के स्तर पर प्रदूषण पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है. इसके बावजूद विमानन क्षेत्र में बड़ा प्रभाव पड़ा है, क्योंकि राख का गुबार 45,000 फीट की ऊंचाई तक मौजूद है, ठीक वहीं जहां अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानें क्रूजिंग मोड में उड़ती हैं.

