Last Updated:
Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा सप्तमी की शाम चोरबागान के दुर्गापूजा पंडाल में भारी भीड़ की वजह से भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में कम से कम 35 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा सप्तमी की शाम चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़ की खबर है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिस कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस घटना में कम से कम 35 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है. इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे की हादसे की जानकारी मिलते ही सीएम सुवेंदु अधिकारी खुद अस्पताल पहुंच गए हैं और घायलों का हालचाल ले रहे हैं. उधर पश्चिम बंगाल सरकार ने एक टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी की है. लोग इस हादसे से जुड़ी जानकारी के लिए 18003455678 पर कॉल कर सकते हैं.
पुलिस ने हादसे पर क्या बताया?
कोलकाता पुलिस की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि शनिवा शाम लगभग 19:40 बजे बारिश के दौरान पूजा पंडाल देखने वालों की भारी भीड़ के कारण शारदा पार्क (चोर बागान) पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भगदड़ मच गई. सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है. कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड, कोलकाता पुलिस, DMG टीम और मेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया. पूजा पंडाल को अब दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है. लगभग 35 लोगों को MCH ले जाया गया है.’
ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘चोर बागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा और बहुत दुख हुआ. मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं, और उनके परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले.’
वहीं टीएमसी नेता कुणाल घोष ने ट्वीट किया, ‘चोरबागान पूजा पंडाल में एक भयानक हादसा हुआ है. चिंताजनक खबरें आ रही हैं. प्रशासन को तुरंत इस पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ध्यान देना चाहिए. हम खबरों पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं. यह सुनिश्चित करें कि मीडिया को सही जानकारी प्रसारित करने में बाधा न आए. हालांकि, इलाके को खाली कराने में मदद करें. दर्शक अभी वहां न जाएं. झूठी खबरों से दहशत न फैलाएं. मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में तुरंत डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए.’
About the Author
साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
कहां से …

