कानपुर पुलिस की ओर से शनिवार को सभी समितियों की ओर से रामनवमी शोभा यात्रा के स्वागत में लगाए लाउडस्पीकर उतरवा दिए गए थे। यह शोभा यात्रा न निकालने का कारण रहा। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों और पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई थी। इस वजह से लोगों में आक्रोश है। रावतपुर गांव स्थित श्रीरामलला मंदिर की शोभा यात्रा संयोजक अवध बिहारी के नेतृत्व में निकलती है। यहां से मसवानपुर, केशवपुरम, विनायकपुर समेत सात समितियां बड़ी संख्या में झांकी लेकर बाजे-गाजे के साथ शामिल होती हैं।
ड्रोन से पुष्प वर्षा
इस बार रावतपुर में हंगामा होने के बाद समितियां शोभा यात्रा में शामिल नहीं हुईं। शाम को भगवान की आरती के बाद 6:30 बजे यात्रा निकाली गई। इस दौरान मंदिर परिसर में ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई। इस संबंध में भगवान परशुराम सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश अवस्थी का कहना है कि जब से रामनवमी यात्रा निकल रही है। पहली बार इस तरह का अवरोध आया है। जिसकी वजह से लोगों में गुस्सा है।
अराजकतत्वों ने फेंका जूता
केशवपुरम में शोभा यात्रा के दौरान अराजक तत्वों ने जूता फेंककर माहौल खराब करने का प्रयास किया। इसके साथ ही केशवपुरम में ब्रह्मदेव चौराहे के पास हिंदू संगठनों के सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। पुलिस ने दो युवकों को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ का फायदा करते हुए भाग निकले।
डेढ़ लाख रुपये किए थे खर्च
मसवानपुर के बड़ा मंदिर में रामनवमी को भव्य आयोजन होता था। कमेटी के महामंत्री रजनीश राजपूत का कहना है कि 22 साल से लगातार शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा था। इस बार पुलिस के रवैये के चलते शोभा यात्रा नहीं निकाली गई। डेढ़ लाख रुपये खर्चकर साउंड लगवाए गए थे। यात्रा नहीं निकलने की वजह से मसवानपुर चौराहे पर सन्नाटा पसरा रहा।

