अगस्त का महीना खत्म होने को है और अगर आप सोच रहे हैं कि मानसून अब थम चुका है, तो रुक जाइए. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा भविष्यवाणी आपकी टेंशन बढ़ा सकती है. आईएमडी ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है. इसके असर से 30 अगस्त को देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का दौर तेज होने वाला है. सबसे ज्यादा असर पूर्वी भारत में दिखाई देगा, जहां ओडिशा में भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 30 अगस्त को ओडिशा के अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ समेत कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है. यानी रविवार को देश के कई हिस्सों में आसमान से आफत बरस सकती है.
बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन ढाएगा कहर
मौसम की इस पूरी हलचल के पीछे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अहम भूमिका निभा रहा है. IMD के अनुसार यह सिस्टम उसी क्षेत्र में बना हुआ है और इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और अधिक सक्रिय होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसके उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों के अलावा झारखंड और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.
ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा
30 अगस्त को मौसम का सबसे बड़ा अलर्ट ओडिशा के लिए है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है. आईएमडी ने 30 अगस्त को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है. 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है.
पश्चिम बंगाल में भी बरसेगी आफत
गंगीय पश्चिम बंगाल में 30 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है.
आईएमडी ने 29 से 31 अगस्त के बीच गंगीय पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. ऐसे में लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है.
दिल्ली-NCR में बादलों का डेरा
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में 30 अगस्त को मौसम काफी हद तक शांत रहने वाला है. दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है. राजधानी के मौसम पर मानसून ट्रफ के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का भी प्रभाव है.
वैसे तो 30 अगस्त को दिल्ली के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आसपास के राज्यों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर राजधानी के मौसम पर पड़ सकता है. आने वाले दिनों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए दिल्ली-NCR में भी मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है. IMD के दिल्ली बुलेटिन में 29 अगस्त को भी मानसून ट्रफ और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव का उल्लेख किया गया है.
पूर्वी यूपी में जारी रहेगी झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश में 30 अगस्त को पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. आने वाले दिनों में पूर्वी यूपी में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है. IMD ने 1 से 4 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी व्यापक से व्यापक बारिश का पूर्वानुमान दिया है. वहीं पश्चिमी यूपी में 2 से 4 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
उत्तराखंड में आसमानी आफत की आशंका
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 30 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहेगा. IMD ने अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके अलावा 29 अगस्त से 4 सितंबर तक राज्य में काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने का अनुमान है.
उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना रह सकता है. ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए.
बिहार में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल
बिहार में भी 30 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. इसके साथ ही गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. IMD के अनुसार बिहार में 4 सितंबर तक अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. वहीं 1 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. ऐसे में बिजली चमकने के दौरान खेतों, खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
झारखंड में और बिगड़ेगा मौसम
झारखंड में 30 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने 30 अगस्त को राज्य में भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है. हालांकि झारखंड के लिए एक और महत्वपूर्ण दिन 31 अगस्त हो सकता है. इस दिन कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके बाद 1 और 2 सितंबर को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट
उधर छत्तीसगढ़ में भी 30 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश में 2-3 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. वहीं विदर्भ में भी 30 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर में भी जमकर बरसेंगे बादल
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर भारत में भी 30 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा. अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में बहुत भारी बारिश की संभावना है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर राज्यों में 29 अगस्त से 3 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है. पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ सकता है.
पश्चिमी तट पर भी बारिश का दौर
महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 4 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक में 29 अगस्त से 4 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. तमिलनाडु, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश संभव है.
समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है. अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
बंगाल की खाड़ी में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी तेज हवाओं के साथ समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है. दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास के समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

