नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जबसे जियो के आइपीओ का ऐलान किया है, सभी निवेशकों की नजर इस पर टिकी हुई है. अब ताजा अपडेट ये है कि बाजार नियामक सेबी ने इस आईपीओ को लॉन्च करने की मंजूरी दे दी है.सेबी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बाजार नियामक ने जियो के 37 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ को जल्द बाजार में उतारने की मंजूरी दी है. इस आईपीओ को भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ बताया गया है.
बाजार नियामक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सेबी ने 28 अगस्त को Jio Platforms को अपनी अंतिम टिप्पणियां दीं. यह मंजूरी कंपनी द्वारा जून में SEBI के पास अपने ड्राफ्ट ऑफ़र डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लगभग दो महीने बाद मिली है. करीब 37,000 करोड़ रुपये का प्रस्तावित इश्यू, Hyundai Motor India के 27,870 करोड़ रुपये के IPO से काफी बड़ा होगा, जो अभी भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग है. हालांकि, इश्यू का अंतिम साइज़ लॉन्च के समय इसके स्ट्रक्चर और प्राइसिंग पर निर्भर करेगा. Jio Platforms ने 27 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ऑफर-फ़ॉर-सेल का कोई हिस्सा नहीं है. इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर IPO के तहत अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे.
क्या है इस आईपीओ का मकसद
इस इश्यू का एक मुख्य मकसद Jio Platforms के तहत काम करने वाली टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio Infocomm का कर्ज कम करना है. कंपनी IPO से मिलने वाली कुल रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल Reliance Jio Infocomm के बकाया कर्ज को समय से पहले चुकाने या कम करने की योजना बना रही है. बाकी बची रकम का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा.
आरआईएल की कितनी हिस्सेदारी
यह IPO रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल और टेलीकॉम बिजनेस से वैल्यू अनलॉक करने की योजना में एक बड़ा कदम है. प्रस्तावित इश्यू से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफ़ॉर्म्स में 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल की हिस्सेदारी क्रमशः 9.98 फीसदी और 7.73 फीसदी थी. अन्य बड़े निवेशकों में सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (2.31 फीसदी), KKR (2.31 फीसदी), विस्टा इक्विटी पार्टनर्स (2.31 फीसदी), सिल्वर लेक (1.88 फीसदी), मुबाडाला (1.85 फीसदी) शामिल हैं.
कई कंपनियों से मिलाया है हाथ
यह प्रस्तावित लिस्टिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों से जुड़े बड़े कैपिटल-मार्केट ट्रांज़ैक्शन की कड़ी में एक और कदम है. जियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने 2020 में मेटा, गूगल और कई प्राइवेट-इक्विटी निवेशकों समेत ग्लोबल निवेशकों से अरबों डॉलर जुटाए थे. SEBI की मंज़ूरी मिलने के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स IPO प्रोसेस के अगले चरणों की ओर बढ़ सकता है, जिसमें फ़ाइनल ऑफ़र डॉक्यूमेंट्स फाइल करना, प्राइस बैंड तय करना और इश्यू की टाइमलाइन की घोषणा करना शामिल है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)

