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oi-Pallavi Kumari
Iran War Update News: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के एक अहम सैन्य अड्डे पर ईरान के हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इसके ठीक बाद अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के रणनीतिक खर्ग आइलैंड पर भारी बमबारी करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।

सऊदी के एयरबेस पर हमला, 5 अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त (Iranian Strike on Saudi Base)
रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान की ओर से किए गए हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान निशाने पर आ गए। बताया जा रहा है कि ये विमान जमीन पर खड़े थे और हमले में इन्हें आंशिक नुकसान पहुंचा है।
सूत्रों के मुताबिक इन विमानों की मरम्मत की जा रही है और उन्हें फिर से ऑपरेशन के लिए तैयार किया जा रहा है। यह एयरबेस मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए बेहद अहम माना जाता है।
ट्रंप का दावा: खर्ग आइलैंड पर अमेरिका की बमबारी (US Strike on Kharg Island)
इन घटनाओं के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर भारी बमबारी की है।
ट्रंप के मुताबिक यह हमला मिडिल ईस्ट के इतिहास की सबसे शक्तिशाली सैन्य कार्रवाइयों में से एक था और द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि जानबूझकर वहां मौजूद तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया।

Photo Credit: Photo credit -NASA
खर्ग आइलैंड क्यों है ईरान की ‘कमजोर नस’? (Strategic Importance of Kharg Island)
खर्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद अहम रणनीतिक जगह माना जाता है। यह फारस की खाड़ी में स्थित एक बड़ा तेल निर्यात केंद्र है, जहां से ईरान का लगभग 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल दुनिया के बाजारों में भेजा जाता है।
इस द्वीप पर विशाल तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की बड़ी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल जहाजों में लोड किया जा सकता है।
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खर्ग आइलैंड कहां है? (Where is Kharg Island?)
खर्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का एक छोटा लेकिन बेहद रणनीतिक द्वीप है। यह द्वीप ईरान की मुख्य भूमि से करीब 24 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित है। आकार में छोटा होने के बावजूद खर्ग आइलैंड ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
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खर्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र
खर्ग आइलैंड को ईरान के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल के रूप में जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी द्वीप से दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजा जाता है। यहां बड़े-बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन और स्टोरेज टैंक मौजूद हैं, जिनसे विशाल टैंकर जहाजों में तेल भरा जाता है।
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खर्ग आइलैंड हर दिन 70 लाख बैरल तेल लोड करने की क्षमता
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक इस द्वीप पर तेल लोडिंग की क्षमता बेहद बड़ी है। यहां से हर दिन लगभग 70 लाख बैरल तेल जहाजों में भरकर निर्यात किया जा सकता है। यही वजह है कि वैश्विक तेल बाजार के लिए भी यह जगह काफी अहम मानी जाती है।
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जंग के बीच पहले तक सुरक्षित रहा द्वीप
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के शुरुआती दिनों में यह द्वीप सैन्य हमलों से बचा रहा था। युद्ध के दूसरे हफ्ते तक अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने इस रणनीतिक जगह को निशाना नहीं बनाया था।
ट्रंप प्रशासन की नजर में था खर्ग आइलैंड (On Trump Administration’s Radar)
हालांकि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ा, खर्ग आइलैंड पर नजरें टिक गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग शुरू होने के बाद से ही यह द्वीप ट्रंप प्रशासन की रणनीतिक सूची में शामिल था, क्योंकि इसे निशाना बनाने से ईरान के तेल निर्यात और आर्थिक ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इराक में KC-135 विमान हादसा, छह सैनिकों की मौत (KC-135 Crash in Iraq)
इस बीच एक और बड़ा हादसा सामने आया है। गुरुवार को पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना का KC-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में सवार सभी छह क्रू मेंबर की मौत हो गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह हादसा उस समय हुआ जब दो विमान “फ्रेंडली एयरस्पेस” में एक मिशन के दौरान ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहे थे। घटना के बाद दूसरा विमान सुरक्षित रूप से इजरायल में लैंड कर गया।
होर्मुज को लेकर अमेरिका की चेतावनी (US Warning Over Strait of Hormuz)
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की, तो अमेरिका खर्ग आइलैंड के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकता है।
- उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे घातक और आधुनिक सैन्य ताकत है और ईरान के पास इसका मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। साथ ही ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
- मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस सैन्य तनाव को देखते हुए दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
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