अश्गाबात: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब इजरायल और ईरान के बीच टेंशन बढ़ती जा रही है। इजरायल लगातार ईरान समर्थक हथियारबंद संगठनों पर हमला कर रहा है। रूसी मीडिया ने बताया कि पुतिन ओर पेजेशकियान की मुलाकात शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात में एक क्षेत्रीय मीटिंग के इतर हुई। दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर चर्चा की। मीटिंग का समय बेहद खास है। क्योंकि ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था। अब ईरान जवाबी कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।हाल के वर्षों में ईरान और रूस के बीच सैन्य संबंधों में घनिष्ठता बढ़ी है। खास तौर से फरवरी 2022 में यूक्रेन के आक्रमण के बाद दोनों देश करीब आए हैं। 2022 में रूस-ईरान के बीच में 1.7 बिलियन डॉलर के ड्रोन निर्यात समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। ईरान ने हजारों ‘शहीद ड्रोन’ की आपूर्ति की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक रूस में एक ड्रोन फैक्ट्री बनाई गई है। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने कम दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की जगह इन ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
‘ईरान के साथ संबंध प्राथमिकता’
रूसी सरकारी मीडिया TASS के मुताबिक पुतिन ने ऐतिहासिक बैठक के दौरान कहा, ‘ईरान के साथ संबंध हमारी प्राथमिकता है। यह बेहतर चल रहा है। हम अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र और घटनाओं के आकलन के लिए साथ काम कर रहे हैं।’ ब्रिटेन के थिंक टैंक चैथम हाउस के वरिष्ठ विश्लेषक अनिसेह बस्सिरी तबरीजी ने कहा, ‘यूक्रेन के बाद से दोनों देश एक दूसरे की जरूरतों और मुद्दों पर भरोसा करने लगे हैं। मुझे ऐसा लगता है कि ईरान की ओर से इसे फायदे का सौदा माना जा रहा है।’
इजरायल के हमलों पर भी की बात
पेजेशकियान ने पहले ही रूस के साथ पश्चिमी प्रतिबंधों का मुकाबला करने की इच्छा पर जोर दिया है। पुतिन के साथ मीटिंग में उन्होंने लेबनान में इजरायल के हमलों को लेकर भी बात की और अमेरिका पर इसके समर्थन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इजरायल को क्षेत्र में निर्दोष लोगों को मारना बंद करना चाहिए। रूस पहले भी इजरायल की ओर से गाजा और लेबनान में आम लोगों को निशाना बनाए जाने की आलोचना कर चुका है। रूस की ओर से अक्टूबर में होने वाले ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए पेजेशकियान को निमंत्रण भेजा गया है।