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Aaj Ka Mausam: देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश की वजह से बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. नेपाल से आने बरसाती पानी की वजह से खासतौर पर बिहार में गंगा, पुनपुन, गंडक जैसी नदियां उफनाई हुई हैं. इससे बक्सर से पटना, मुंगेर, भागलपुर तक लाखों लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले 7 दिनों तक तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है.
मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. दिल्ली से बिहार-यूपी तक बारिश की संभावना जताई गई है. इससे जलभराव और लैंडस्लाइड का खतरा जताया गया है. (फाइल फोटो)
Aaj Ka Mausam: ये अल नीनो क्या बला है भाई? आजकल हर भारतीय की जुबान पर यही बात है. अल नीनो को मानसून किलर भी कहा जाता है. इसके एक्टिव होने से भारत में मानसून प्रभावित होता है और बारिश औसत से काफी कम होती है. सूखे और अकाल जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका गहरा जाती है. देश और दुनिया के मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ अल नीनो दशकों बाद काफी ज्यादा मजबूत है. इससे सूखा, अकाल और खाने-पीने की वस्तुओं के साथ ही पेयजल की समस्या गहराने के आसार जताए गए हैं. अब आते हैं भारत में मानसून की मौजूदा स्थिति पर. दरअसल, बंगाल की खाड़ी में ताबड़तोड़ एक्टिव हो रहे नए सिस्टम की वजह से अल नीनो का अभी तक कोई खास असर नहीं दिखा है. जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 7 दिनों के पूर्वानुमान में दिल्ली से यूपी-बिहार तक में बारिश होने की संभावना जताई है. इससे बाढ़ की प्रचंडता और बढ़ने की आशंका है. वहीं, कुछ राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने का भी अनुमान है.
IMD ने देश के कई हिस्सों में अगले 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा पश्चिमी और मध्य भारत के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भी कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में 7 सितंबर को उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली के साथ व्यापक बारिश का अनुमान जताया है. इसके बाद 10 से 12 सितंबर के बीच भी उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर तक बारिश की संभावना है. पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है.
उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. उत्तराखंड में 7 सितंबर तथा 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 सितंबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है. ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और स्थानीय नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है.
देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही लगातार बारिश से गंगा-यमुना समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और बंगाल में हजारों-लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं.
मध्य भारत में भी बारिश का दौर
मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर और फिर 11-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 से 12 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. विदर्भ में 11 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 9 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है.
Subdivision-wise Weather warning for next 7 days.
Subject: (i) Under the influence of Low-Pressure Area over southwest Uttar Pradesh & neighbourhood, isolated heavy to very heavy rainfall very likely over Uttarakhand & West Uttar Pradesh on today, the 06th September,2026.
(ii)… pic.twitter.com/foyF3ThHWJ

