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I Love Muhammad Controversy: जमात-ए-इस्लामी हिंद ने ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान पर कार्रवाई को असंवैधानिक बताया. मलिक मोतसिम खान ने सांप्रदायिक तनाव और पुलिसिंग की निंदा की है.
देश के कई हिस्सों में ‘आई लव मोहम्मद’ कैम्पेन पर विवाद शुरू हो गया है.नई दिल्ली. प्रमुख मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान पर बृहस्पतिवार को कहा कि शांतिपूर्ण धार्मिक अभिव्यक्ति सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा नहीं है, लेकिन राजनीतिक हथकंडों की वजह से समाज में अनावश्यक रूप से तनाव पैदा किया जा रहा है.
संगठन ने एक बयान में कहा कि यह धारणा कि ‘आई लव मोहम्मद’ नारा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को भड़क सकता है, गलत है तथा नारे को अपराध घोषित करना असंवैधानिक है. इसने कहा कि ऐसा करना भारत के बहुलवाद और सभी धर्मों के सम्मान के मूल्यों का अपमान है.
बयान में जमात के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने कहा कि देश के लोग एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सदियों से सम्मान करते हुए साथ-साथ रहते आए हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि “राजनीतिक हथकंडे और सांप्रदायिक पुलिसिंग एक सामंजस्यपूर्ण समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर रही है.”
उन्होंने कहा कि इस्लाम के अंतिम पैगंबर के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न केवल अत्यंत खेदजनक है, बल्कि असंवैधानिक भी है. खान ने कहा, “शांतिपूर्ण धार्मिक अभिव्यक्ति सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा नहीं है; यह एक मौलिक अधिकार है जो हमारे राष्ट्र के नैतिक ताने-बाने को मजबूत करता है.”
बयान में ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स’ (एपीसीआर) के आंकड़ों का जिक्र है जिनमें दावा किया गया है कि ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब पूरे देश में फैल गई है तथा कई राज्यों में कम से कम 21 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें 1,324 से ज़्यादा मुसलमानों को आरोपी बनाया गया है और 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बयान में जमात ने नारे को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय पर कार्रवाई की निंदा की है.
कर्नाटक में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर से साम्प्रदायिक तनाव
इस बीच, कर्नाटक के दावणगेरे शहर में 24 सितंबर की रात को ‘आई लव मोहम्मद’ के संदेशों वाले पोस्टर सामने आने के बाद साम्प्रदायिक तनाव फैल गया जिससे लोगों के दो समूहों के बीच पथराव हुआ. कार्ल मार्क्स नगर की घटना के कारण पोस्टर हटाने को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच तनातनी पैदा हो गई. दावणगेरे की पुलिस अधीक्षक (एसपी) उमा प्रशांत के अनुसार, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पांच मिनट के भीतर स्थिति पर काबू पा लिया.
उन्होंने संवाददाताओं को बताया, “कार्ल मार्क्स नगर में ‘आई लव मुहम्मदिया’ लिखा बैनर लगाया गया था. दूसरे समुदाय ने इसे हटाने की मांग की. दोनों तरफ से लोग इकट्ठा हो गए थे, लेकिन पुलिस तुरंत मौके पर गई और सभी को तितर-बितर कर दिया.” उन्होंने कहा, “अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है.” प्रशांत ने कहा कि बैनर भी अब हटा दिए गए हैं.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

