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हैदराबाद के शमशाबाद में 50 हजार वर्गफुट के विशाल परिसर में एक अनोखा मुगल फोर्ट तैयार हो रहा है. 50 भव्य बेडरूम्स वाले इस शाही परिसर में लाल पत्थरों की नक्काशी, मुगलिया मेहराबें, झरोखे और वॉर्म विंटेज लाइटिंग के जरिए पुराने दौर की भव्यता को आधुनिक समय में जीवंत किया गया है. राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बन रहा यह फोर्ट जल्द ही डेस्टिनेशन वेडिंग्स, सांस्कृतिक आयोजनों और लग्ज़री हॉस्पिटैलिटी का नया आकर्षण बन सकता है.
हैदराबाद. चारमीनार और गोलकोंडा के ऐतिहासिक शहर हैदराबाद की सरजमीं पर एक बार फिर शाही दौर की वास्तुकला जीवंत हो रही है. शमशाबाद इलाके में लगभग 50,000 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में एक नया मुगल फोर्ट आकार ले चुका है, यह कोई प्राचीन खंडहर या सदियों पुराना किला नहीं, बल्कि आधुनिक दौर में मुग़लकालीन स्थापत्य कला और नफासत को हूबहू ज़मीन पर उतारने का एक अनोखा और भव्य प्रयास है. शमशाबाद स्थित इस विशाल परिसर में 50 भव्य बेडरूम्स के साथ पूरा ढांचा तैयार किया गया है. वर्तमान में यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम फिनिशिंग दौर में है जहां हर एक कोने को ऐतिहासिक प्रामाणिकता देने पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इस परिसर की मुख्य विशेषताएं है लाल पत्थरों का बारीक काम, पारंपरिक मुगलिया मेहराबें और नक्काशीदार दीवारें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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