टिकट पर भी मंथन
प्रभाव और जातिगत समीकरण फिट बैठे तो उनको टिकट दिया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अभी नामांकन करने में समय है। पार्टियां अंतिम समय में टिकट की घोषणा करेंगी ताकि बगावत की संभावना न रहे। बीएसपी ने लोकसभा चुनाव में भी नंद किशोर पुंडीर को ऐसे ही टिकट दिया था। वह बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़े और हार गए थे।
बाकी पार्टियों का हो रहा इंतजार
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सभी पार्टियां जातिगत समीकरण को देखते हुए टिकट की घोषणा करेंगी। सपा, कांग्रेस और बसपा को बीजेपी का इंतजार है कि वह किस जाति के नेता को टिकट देती है। इसके हिसाब से बाकी पार्टियां भी प्रत्याशी का चयन करेंगी। सपा के जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन का कहना है कि यहां गठबंधन का प्रत्याशी होगा। जल्द ही इस पर हाईकमान ऐलान करेगा। प्रत्याशी घोषित होते ही उसे पूरी ताकत से चुनाव जिताया जाएगा।
आवेदनों की संख्या है बहुत अधिक
उपचुनाव में बीजेपी की तरफ से टिकट के दावेदार सबसे अधिक बताए जा रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस से टिकट के दावेदार हैं। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 22 लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। बीएसपी में भी अभी तक दस लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। अपने स्तर पर लोग टिकट हासिल करने का जुगाड़ भी लगा रहे हैं। कुछ लोगों ने नामांकन पत्र भी ले लिया है। टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़ने की प्लानिंग बनाई गई है।

