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‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर चर्चा के लिए बनी JPC जल्द ही पूर्व CJI रंजन गोगोई और वकील हरीश साल्वे को सुनेगी. समिति में सत्ताधारी और विपक्षी सांसद शामिल हैं. JPC को एक्सटेंशन मिल सकता है.
दोनों ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर बनी जेपीसी के सामने पेश होंगे.
हाइलाइट्स
- ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर चर्चा के लिए JPC का गठन हुआ.
- रंजन गोगोई और हरीश साल्वे JPC के सामने पेश होंगे.
- JPC को कार्यकाल बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है.
नई दिल्ली: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल पर चर्चा के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जल्द ही देश के दो बड़े कानूनी दिग्गजों को सुनेगी. पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई और मशहूर वकील हरीश साल्वे संसदीय पैनल के सामने पेश होंगे. रंजन गोगोई 11 मार्च को, जबकि हरीश साल्वे 17 मार्च को कमेटी के सामने जाएंगे. इससे पहले, पूर्व CJI यूयू ललित भी समिति के सामने पेश हो चुके हैं. उन्होंने तीन घंटे तक अपनी राय रखी थी. उनके अलावा रिटायर्ड जस्टिस ऋतुराज अवस्थी (पूर्व लॉ कमीशन चेयरमैन) और नितिन चंद्रा (जो पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी के सचिव थे) भी JPC के सामने अपनी बात रख चुके हैं. 11 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेंद्र मेनन भी समिति के सामने पेश होंगे. वहीं, 17 मार्च को पूर्व लॉ कमीशन चेयरमैन और दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जस्टिस एपी शाह भी अपनी राय रखेंगे.
रंजन गोगोई का क्या स्टैंड रहा है?
रंजन गोगोई कई अहम कानूनी सुधारों के समर्थक रहे हैं. जनवरी 2024 में गुजरात के एक लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को जरूरी बताया था, लेकिन साथ ही कहा था कि इसे सहमति (Consensus) के आधार पर लागू किया जाना चाहिए.
JPC का गठन और विपक्ष की भूमिका
JPC का ऐलान संसद के विंटर सेशन के दौरान किया गया था. सरकार ने साफ कर दिया था कि बिल को पेश करने के बाद इसे संसदीय जांच के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कमेटी के सदस्यों की लिस्ट पढ़कर सुनाई थी. पहले इस कमेटी में कम सदस्य थे, लेकिन विपक्षी दलों के दबाव के बाद 39 सदस्यीय कमेटी बनाई गई.
JPC में कौन-कौन शामिल है?
यह समिति भाजपा सांसद और पूर्व मंत्री पीपी चौधरी की अध्यक्षता में काम कर रही है. इसमें सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों दोनों को शामिल किया गया है:
| विपक्ष के सदस्य | सत्ताधारी पक्ष के सदस्य |
| प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस) | अनुराग ठाकुर (BJP) |
| मनीष तिवारी (कांग्रेस) | बैजयंत पांडा (BJP) |
| पी. विल्सन (DMK) | भरत हरि महताब (BJP) |
| कल्याण बनर्जी (TMC) | अनिल बलूनी (BJP) |
| सुप्रिया सुले (NCP) | श्रीकांत शिंदे (शिवसेना – शिंदे गुट) |
| रणदीप सुरजेवाला (कांग्रेस) | हरिश बलाओगी (TDP) |
| मुकुल वासनिक (कांग्रेस) | |
| अनिल देसाई (शिवसेना – UBT) |
JPC को मिलेगा एक्सटेंशन?
संकेत मिल रहे हैं कि समिति को कार्यकाल बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि अभी कई कानूनी विशेषज्ञों और नेताओं की राय ली जानी बाकी है. बजट सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा, ऐसे में JPC अपनी रिपोर्ट इस सत्र में नहीं दे पाएगी.
New Delhi,Delhi
March 06, 2025, 18:12 IST

