78 महीनों में सबसे कम होगी बढ़ोतरी
अगर इस बार डीए में 2% की बढ़ोतरी होती है तो यह लगभग 78 महीनों में सबसे कम बढ़ोतरी होगी। इससे पहले जुलाई-दिसंबर 2018 में भी 2% की ही बढ़ोतरी हुई थी। सरकार हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में डीए और महंगाई राहत (DR) में संशोधन करती है। पिछली बार जुलाई 2024 में डीए 50% से बढ़कर 53% हुआ था। उससे पहले मार्च 2024 में कैबिनेट ने डीए को 46% से बढ़ाकर 50% करने की मंजूरी दी थी। इसका ऐलान 25 मार्च 2024 को हुआ था। 7वें वेतन आयोग के तहत सरकार ने 16 अक्टूबर 2024 को डीए और डीआर दोनों में 3% की बढ़ोतरी की थी। इससे दोनों 1 जुलाई 2024 से 53% हो गए। डीए और डीआर के बारे में अगली घोषणा भी इसी नियमित पैटर्न का पालन करेगी।
पिछली बार 3% बढ़ा था महंगाई भत्ता
7वां वेतन आयोग जनवरी 2016 में लागू हुआ था। इसने पिछले वेतन आयोग के 125% डीए को मूल वेतन में मिला दिया था। इसके बाद जुलाई 2016 में पहली बार डीए में 2% की बढ़ोतरी हुई। फिर हर साल दो बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए में संशोधन होता रहा। जनवरी 2020 से जून 2021 तक एक अपवाद रहा, जब धीमी आर्थिक रफ्तार और वित्तीय दबाव के कारण सरकार ने डीए बढ़ोतरी को रोक दिया था। जनवरी 2016 में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद से डीए लगातार बढ़ता रहा है। जुलाई-दिसंबर 2024 के चक्र के लिए हुए ताजा संशोधन के बाद अब 53% के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने डीए में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इससे यह वर्तमान स्तर 53% पर पहुंच गया। जुलाई-दिसंबर AICPI के आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी-जून 2025 के साइकिल के लिए डीए में 2% की बढ़ोतरी हो सकती है।
8वें वेतन आयोग के गठन का हो चुका है ऐलान
सरकार ने हाल ही में 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की है। इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। इसका मतलब है कि 7वें वेतन आयोग के तहत अब सिर्फ एक और DA बढ़ोतरी होगी, जो इस साल दिवाली के आसपास हो सकती है। ध्यान रहे कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में आमतौर पर समय लगता है। 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में लगभग एक साल लग सकता है, शायद मार्च 2026 तक। इसलिए, जनवरी-जून 2026 की अवधि के लिए आखिरी DA बढ़ोतरी की संभावना है, जो पुरानी व्यवस्था के तहत आएगी। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद डीए को मूल वेतन में मिला दिया जाएगा। इससे यह फिर से शून्य हो जाएगा।

