साइबर ठगों को बैंक खाता मुहैया कराता था आरोपी
डीसीपी दीक्षित गेडाम की निगरानी में पुलिस टीम ने विनय के बैंक से हुए पैसे के ट्रांसफर के आधार पर दो दिन पहले पुणे से 25 वर्षीय गैस एजेंसी कर्मचारी ज्ञानेश्वर साल्वी को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम साल्वी को उसके बैंक खाते के जरिए ढूंढ निकाला गया, जिसमें अक्टूबर 2024 में 14 लाख रुपये जमा हुए थे। इस रकम में विनय प्रजापति के 7.13 लाख रुपये भी शामिल थे।
निवेश या नौकरी के नाम पर किए जाने वाले धोखाधड़ी में पीड़ितों को वाट्सएप के जरिए नौकरी का ऑफर दिया जाता है। सहमति जताते ही यूट्यूब विडियो को लाइक करने, उन्हें रेटिंग देने या एक छोटे से कमीशन के लिए देने जैसे सरल कार्य सौंपे जाते हैं। इसके बाद, धोखेबाज पीड़ित को बड़े कार्य करने और उच्च रिटर्न कमाने के लिए और पैसा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है। बाद में, जब पीड़ित को लगता है कि वह अब ज़्यादा पैसे नहीं कमा पा रहा है। इसलिए अपना निवेश वापस लेने की कोशिश करता है, जिसमें वह असफल हो जाता है। इस दौरान निवेश कराने वाले यानी धोखेबाज़ भी उससे अपना संपर्क तोड़ देता है। यही इनका मोडस ऑपरेंडी है।
संजय शिंत्रे, डीआईजी, राज्य साइबर पुलिस
कमीशन पर साइबर ठगों को बैंक खाता मुहैया कराता था साल्वी
आरोप है कि साल्वी कमीशन पर साइबर ठगों को बैंक खाता मुहैया कराता था। क्योंकि, उसको 20 हजार कमीशन मिला था। साल्वी को चाय विक्रेता के 7.5 लाख रुपये के हस्तांतरण के लिए अपने बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति देने और राजस्थान स्थित साइबर ठगों को मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
राज्य साइबर पुलिस के डीआईजी संजय मात्र ने कहा कि निवेश या नौकरी के नाम पर किए जाने वाले धोखाधड़ी में पीड़ितों को वाट्सएप के जरिए नौकरी का ऑफर दिया जाता है। सहमति जताते ही यूट्यूब विडियो को लाइक करने, उन्हें रेटिंग देने या एक छोटे से कमीशन के लिए देने जैसे सरल कार्य सौंपे जाते हैं। इसके बाद, धोखेबाज पीड़ित को बड़े कार्य करने और उच्च रिटर्न कमाने के लिए और पैसा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है। बाद में, जब पीड़ित को लगता है कि वह अब ज़्यादा पैसे नहीं कमा पा रहा है। इसलिए अपना निवेश वापस लेने की कोशिश करता है, जिसमें वह असफल हो जाता है। इस दौरान निवेश कराने वाले यानी धोखेबाज़ भी उससे अपना संपर्क तोड़ देता है। यही इनका मोडस ऑपरेंडी है।
निवेश-नौकरी की आड़ में धोखाधड़ी
वर्ष मामले सुलझे गिरफ्तारी
2024: 1514 286 332
2023: 508 99 164
2022: 137 11 34
2021: 146 20 57
कुल-2305 416 587

