नई दिल्ली (Coding vs Programming). डिजिटल दौर में ऐप, वेबसाइट या सॉफ्टवेयर की बात करने पर 2 शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं- कोडिंग और प्रोग्रामिंग. स्कूली बच्चों से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं तक, हर कोई इन शब्दों का इस्तेमाल धड़ल्ले से करता है. ज्यादातर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं. उन्हें लगता है कि कंप्यूटर पर रंग-बिरंगे शब्द लिखना ही कोडिंग है और यही प्रोग्रामिंग भी है. अगर आप टेक की दुनिया में कदम रख रहे हैं तो इनके बीच का अंतर पता होना चाहिए.
कोडिंग और प्रोग्रामिंग में क्या अंतर है?
कोडिंग और प्रोग्रामिंग को एक ही मानना बड़ी भूल है. दोनों में कई बेसिक अंतर हैं. इन्हें समझकर ही टेक दुनिया में कदम रखना चाहिए.
कोडिंग क्या है? कोडर क्या करते हैं?
कोडिंग का मतलब है- एक भाषा को दूसरी भाषा में बदलना. कंप्यूटर हिंदी या अंग्रेजी भाषा नहीं समझता, वह सिर्फ बाइनरी भाषा (0 और 1) समझता है. इंसानों के लिए 0 और 1 में बात करना नामुमकिन है. इसलिए हम जावा (Java), पायथन (Python) या C++ जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं. कोडर का काम है कि वह हमारे निर्देशों को इन भाषाओं के कोड में लिख दे, जिससे कंप्यूटर समझ सके कि उसे क्या करना है. इसे ‘ट्रांसलेटर’ (अनुवादक) की तरह देख सकते हैं, जो इंसानी बात को कंप्यूटर की भाषा में बदलता है.
प्रोग्रामिंग क्या है? प्रोग्रामर क्या करते हैं?
प्रोग्रामिंग बहुत बड़ा और व्यापक शब्द है. कोडिंग तो इसका सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है. प्रोग्रामिंग का मतलब सिर्फ कोड लिखना नहीं है, बल्कि किसी समस्या को समझने से लेकर उसका पूरा सॉल्यूशन तैयार करने तक का सफर है. प्रोग्रामर का काम ऐप का पूरा ढांचा तैयार करना, यह सोचना कि ऐप कैसे काम करेगा, उसमें क्या गड़बड़ियां आ सकती हैं, उन्हें कैसे ठीक करना है और ऐप को यूजर के लिए आसान कैसे बनाना है- यह सब प्रोग्रामिंग के तहत आता है.
उदाहरण से समझिए कोडिंग और प्रोग्रामिंग का अंतर
कोडिंग और प्रोग्रामिंग के बीच का अंतर समझने के लिए एक बढ़िया उदाहरण लेते हैं, मान लीजिए आपको घर बनाना है.
- कोडिंग: दीवार खड़ी करने के लिए एक-एक ईंट को सीमेंट के साथ जोड़ना ‘कोडिंग’ है. यह काम तय निर्देशों के तहत होता है.
- प्रोग्रामिंग: घर का नक्शा कैसा होगा, नींव कितनी गहरी होगी, बजट कितना लगेगा, बिजली-पानी की फिटिंग कहां होगी और पूरा घर बनने के बाद कैसा दिखेगा- यह प्लानिंग और मैनेजमेंट ‘प्रोग्रामिंग’ है.
कोडिंग vs प्रोग्रामिंग: क्या है अंतर?
नीचे टेबल में कई पॉइंट्स को आधार बनाकर कोडिंग और प्रोग्रामिंग के बीच का अंतर समझ सकते हैं-
| खासियत | कोडिंग | प्रोग्रामिंग |
| मुख्य काम | मानवीय निर्देशों को कंप्यूटर कोड में बदलना. | पूरी समस्या को एनालाइज करना और सॉफ्टवेयर बनाना. |
| दायरा | यह प्रोग्रामिंग का शुरुआती दौर का हिस्सा है. | यह बहुत बड़ा प्रोसेस है, जिसमें कोडिंग भी शामिल है. |
| जरूरी टूल्स | इसके लिए सिर्फ टेक्सट एडिटर और भाषा का ज्ञान चाहिए. | इसके लिए एनालिसिस टूल्स, टेस्टिंग टूल्स और फ्रेमवर्क चाहिए. |
| स्किल्स | कोडिंग लैंग्वेज की बेसिक समझ. | डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिदम, लॉजिक और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स. |
| आउटपुट | कोड की कुछ लाइंस या छोटा सा फंक्शन. | सब काम करने वाला सॉफ्टवेयर, ऐप या वेबसाइट. |
टेक टिप: अगर आप इस फील्ड में नए हैं तो शुरुआत कोडिंग से ही होती है. आपको कोई एक भाषा सीखनी पड़ेगी. लेकिन अच्छा पैकेज पाने के लिए ‘लॉजिकल दिमाग’ का इस्तेमाल करके प्रोग्रामर बनना होगा.

