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NEET-UG मामले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अब राज्यों के लोक सेवा आयोगों (PSC) की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और गिग वर्कर्स के हक की लड़ाई का मोर्चा खोलने का ऐलान किया है. CJP के संयोजक अभिजीत दीपके ने बताया कि बिहार, यूपी, झारखंड और छत्तीसगढ़ के युवा परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं से परेशान हैं. संगठन अब सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की मांग के साथ गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के मुद्दे भी उठाएगा.
सीजेपी अपना आंदोलन आगे जारी रखेगी.
जंतर-मंतर पर पुलिस की कड़ी नाकाबंदी के बीच जब छात्र हक की लड़ाई लड़ रहे थे, तब डिलीवरी ऐप के जरिए खाना और पानी पहुंचाने वालों अनजाने मददगार कोई और नहीं बल्कि डिलीवरी बॉय थे. नीट पेपर लीक मामले में सरकार की नींव हिलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन गुमनाम हीरो के अधिकारों के लिए रणक्षेत्र में उतरने जा रही है. CJP के संयोजक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि जंतर-मंतर पर छात्रों का पेट भरने वाले गिग वर्कर्स के शोषण के खिलाफ वो मैदान में उतरेंगे. इसके अलावा अब छात्र आंदोलन का रुख राज्यों की प्रशासनिक भर्ती परीक्षाओं की ओर मुड़ेगा. सीजेपी ने विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ अपना अभियान तेज करने का फैसला किया है.
जंतर-मंतर पर मिला युवाओं का भारी समर्थन
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने बताया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन को केवल NEET अभ्यर्थियों का ही नहीं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देश भर के युवाओं का व्यापक समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि देश का युवा सरकारी नौकरियों और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हो रही लगातार धांधली और पेपर लीक से बेहद निराश और असंतुष्ट है.
बिहार और हिंदी भाषी राज्यों पर विशेष ध्यान
संगठन के आगामी रुख पर चर्चा करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “हमारे अगले आंदोलन का मुख्य केंद्र बिहार और आसपास के राज्य होंगे क्योंकि जंतर-मंतर पर जुटी अधिकांश भीड़ बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से आई थी.” उन्होंने बताया कि इन राज्यों के मध्यमवर्गीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा अपने सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह से लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहते हैं. लगातार पेपर रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है.
गिग वर्कर्स और असंगठित मजदूरों की लड़ाई लड़ेंगे
दीपके के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने खुद उनसे संपर्क किया और सवाल उठाया कि वे केवल NEET की बात क्यों कर रहे हैं, जबकि लोक सेवा आयोगों की हालत भी बेहद खराब है. देश भर के राज्यों से सरकारी भर्तियों में धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही हैं. इस चिंता को देखते हुए CJP ने अपने एजेंडे का विस्तार करने का निर्णय लिया है. संगठन अब भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के गिग वर्कर्स की समस्याओं और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों के लिए भी जमीनी लड़ाई लड़ेगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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