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CBSE New Chairperson: देश के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा बोर्ड CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है.फिलहाल उन्हें यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले 2001 बैच के इस IAS अधिकारी के पास लंबे प्रशासनिक अनुभव का खजाना है. आइए जानते हैं कि लोखंडे प्रशांत सीताराम कौन हैं? उनकी पढ़ाई कहां से हुई? अब तक किन-किन अहम पदों पर रहे और आखिर उन्हें CBSE की कमान क्यों सौंपी गई?
IAS Lokhande Prashant Sitaram Profile, CBSE New Chairperson: सीबीएसई के नए चेयरपर्सन बने लोखंडे.
CBSE New Chairperson: देश के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नया चेयरपर्सन मिल गया है. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है हालांकि उन्हें यह जिम्मेदारी फिलहाल अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) के रूप में दी गई है यानी वे गृह मंत्रालय में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ CBSE के चेयरपर्सन का कार्यभार भी संभालेंगे.यह नियुक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) के 2 जुलाई 2026 के संशोधित आदेश के बाद की गई है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक CBSE के लिए स्थायी चेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं हो जाती या नया आदेश जारी नहीं होता तब तक लोखंडे प्रशांत सीताराम यह जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.
राहुल सिंह की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी
लोखंडे प्रशांत सीताराम ने CBSE के चेयरपर्सन के पद पर राहुल सिंह की जगह ली है. राहुल सिंह का तबादला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव (Additional Secretary) के पद पर कर दिया गया है.इसी प्रशासनिक फेरबदल में सरकार ने वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया है. उन्होंने हिमांशु गुप्ता का स्थान लिया है जो अब तक बोर्ड के सचिव थे.सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रमुख सरकारी संस्थानों के कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के उद्देश्य से किया गया है.
पहले पूर्णकालिक नियुक्ति हुई थी,अब अतिरिक्त प्रभार
दिलचस्प बात यह है कि जून 2026 में जारी आदेश में लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का पूर्णकालिक चेयरपर्सन बनाया गया था लेकिन अब सरकार ने नया आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति में संशोधन किया है.संशोधित आदेश के अनुसार वे गृह मंत्रालय के गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर बने रहेंगे और साथ ही CBSE के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे. यह व्यवस्था अंतरिम तौर पर लागू रहेगी.
कौन हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम?
लोखंडे प्रशांत सीताराम 2001 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं. प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी.उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (NITIE) मुंबई से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया.वह देश के अनुभवी नौकरशाहों में शामिल हैं.
मिली नई जिम्मेदारी
आईएएस अधिकारी के रूप में लोखंडे प्रशांत सीताराम कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं. विभिन्न सरकारी विभागों में उन्होंने नीतियों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रबंधन की जिम्मेदारियां संभाली हैं.फिलहाल वे गृह मंत्रालय के गृह विभाग (Department of Home, Ministry of Home Affairs)में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं. अब इसी जिम्मेदारी के साथ उन्हें CBSE जैसे बड़े शिक्षा बोर्ड का नेतृत्व भी सौंपा गया है.
क्यों अहम मानी जा रही है यह नियुक्ति?
लोखंडे प्रशांत सीताराम की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब CBSE के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं. बोर्ड को आने वाले बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों,पाठ्यक्रम में सुधार,नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बदलावों और विभिन्न शैक्षणिक सुधारों पर लगातार काम करना है.ऐसे में सरकार चाहती है कि नेतृत्व में किसी तरह का खालीपन न आए और बोर्ड का कामकाज बिना किसी बाधा के चलता रहे. इसी वजह से स्थायी नियुक्ति होने तक उन्हें अंतरिम चेयरपर्सन बनाया गया है.
30 हजार से ज्यादा स्कूलों की जिम्मेदारी
CBSE देश का सबसे बड़ा स्कूल शिक्षा बोर्ड है.इसके साथ भारत और विदेशों के 30 हजार से अधिक स्कूल संबद्ध हैं.बोर्ड हर साल कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है. इसके अलावा पाठ्यक्रम तैयार करना, शैक्षणिक नीतियां लागू करना, मूल्यांकन प्रणाली में सुधार करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बदलावों को लागू करना भी CBSE की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है.
निभानी होगी अहम भूमिका
CBSE के चेयरपर्सन के रूप में लोखंडे प्रशांत सीताराम अब देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों की निगरानी करेंगे. बोर्ड परीक्षाओं के संचालन से लेकर पाठ्यक्रम सुधार, डिजिटल शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली और नई शिक्षा नीति के प्रभावी करने तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके नेतृत्व में पूरी होंगी.ऐसे में उनकी यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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