चुनौतीपूर्ण समय पर हुई मार्क कार्नी की नियुक्ति
कार्नी ने लिबरल पार्टी की लीडरशिप रेस में लगभग 86 फीसद वोट जीतकर निर्णायक जीत हासिल की थी। उनकी नियुक्ति कनाडा के लिए चुनौतीपूर्ण समय पर हुई है, क्योंकि देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका के साथ व्यापार तनाव का सामना कर रहा है। ट्रंप ने कनाडाई वस्तुओं पर टैरिफ लगाया है और कनाडा को अमेरिका में एकीकृत करने का सुझाव दिया है, जिससे कनाडा ने जवाबी कदम उठाए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप को लेकर मार्क कार्नी ने क्या कहा?
मार्क कार्नी ने ट्रंप की आर्थिक नीतियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ को बनाए रखने की कसम खाई है ‘जब तक कि अमेरिका कनाडा के प्रति कुछ सम्मान नहीं दिखाता।’ इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कनाडा पर कब्जा करने के बारे में ट्रंप की बार-बार की गई बयानबाजी को भी नकार दिया है और कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति से तभी मिलेंगे जब ‘कनाडाई संप्रभुता के प्रति सम्मान होगा।’
कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली के अनुसार, आने वाले दिनों में कार्नी और ट्रंप के बीच बातचीत की व्यवस्था करने के प्रयास चल रहे हैं। अपनी अल्पमत सरकार के अस्थिर होने के कारण कार्नी की ओर से दो सप्ताह के भीतर अचानक चुनाव की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। यह ऐसा कदम है जो वॉशिंगटन के साथ बढ़ते तनाव के बीच कनाडा के राजनीतिक भविष्य को निर्धारित कर सकता है।
जस्टिन ट्रूडो क्या बोले?
वहीं, विदाई संदेश में जस्टिन ट्रूडो ने कहा, “मुझ पर भरोसा करने के लिए, मुझे चुनौती देने के लिए और मुझे धरती पर सबसे अच्छे देश और सबसे अच्छे लोगों की सेवा करने का विशेषाधिकार देने के लिए धन्यवाद कनाडा।”

