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Breaking News Today Live: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच में कई एजेंसियां लगी हुई हैं. इस बीच, एक बड़ी खबर सामने आई है. IIT कानपुर में पढ़ने वाले दो कश्मीरी छात्र लापता हो गए हैं. दूसरी तरफ, चंडीगढ़ को ले…और पढ़ें
Breaking News Today Live: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच के बीच IIT कानपुर से दो कश्मीरी छात्र लापता हो गए हैं. (फाइल फोटो)
Breaking News Today Live: चंडीगढ़ को लेकर केंद्र संसद के शीतकालीन सत्र में नया विधेयक लाने जा रहा है. चंडीगढ़ को अनुच्छेद-240 के दायरे में लाने की तैयारी है. केंद्र के इस फैसले से पंजाब में सियासी घमासान मचा हुआ है. अकाली दल भी सरकार के इस प्रस्ताव के विरोध में उतर आया है. अकाली दल नेता और पूर्व मंत्री दलजीत चीमा ने चंडीगढ़ को लेकर लाए जा रहे संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल को कभी उम्मीद नहीं थी कि केंद्र पंजाब से चंडीगढ़ छीनने की साजिश रचेगा. खासकर ऐसे समय में जब देश श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत के 350 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. इस ऐतिहासिक मौके पर पंजाब को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार पंजाब को कुछ देगी, लेकिन आगामी संसद सत्र में प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) बिल ने पंजाबियों को चौंका दिया है.
उधर, दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है. इस बीच आईआईटी कानपुर के दो कश्मीरी पीएचडी छात्रों के पिछले 15 दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की खबर मिली है. यूपी पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. पुलिस ने जब इस संबंध में संस्थान के अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने छात्रों के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही, लेकिन 10 नवंबर को लाल किला विस्फोट के बाद उनके अचानक लापता होने से गंभीर अटकलें लगाई जा रही हैं. सूत्रों के अनुसार, एटीएस, उत्तर प्रदेश पुलिस, स्थानीय खुफिया इकाई और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आईआईटी कानपुर पहुंच गई हैं और जांच में जुटी हैं. एजेंसियां छात्रों के रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, उनकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं और उन परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जानकारी जुटा रही हैं जिनके तहत दोनों छात्र लापता हुए.
60 बीएलओ और 7 सुपरवाइजरों पर FIRF
जिला प्रशासन ने विधानसभा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 60 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और 7 सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के अंतर्गत की गई है. जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र दादरी, नोएडा और जेवर में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान ढिलाई एवं आदेशों की अवहेलना की शिकायतों के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य चल रहा है. जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समय से और जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे.

