पटना पार्क डिवीजन ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण के स्तर को संबोधित करने के लिए बेकार पड़े फ्लाईओवर स्थानों को हरी जगहों में बदलने की परियोजना शुरू की है, जिसमें 199,466 पेड़ लगाए गए हैं।
India
-Oneindia Staff
बढ़ती
ट्रैफिक
समस्या
और
वायु
प्रदूषण
को
ध्यान
में
रखते
हुए,
पटना
पार्क
प्रमंडल
ने
एक
अनोखी
पहल
की
है।
शहर
के
विभिन्न
फ्लाईओवर
के
नीचे
खाली
पड़े
स्थानों
को
सौंदर्यीकरण
कर
हरित
क्षेत्र
में
तब्दील
किया
गया
है।
इस
परियोजना
के
तहत
वित्तीय
वर्ष
2023-24
एवं
2024-25
में
कुल
199,466
पौधों
का
वृक्षारोपण
एवं
रख-रखाव
कार्य
किया
गया
है।

पटना
में
पिछले
वर्षों
में
यातायात
की
भीड़
और
औद्योगिकीकरण
के
चलते
वायु
एवं
ध्वनि
प्रदूषण
का
स्तर
चिंताजनक
रूप
से
बढ़
रहा
था।
इस
समस्या
का
समाधान
करते
हुए
राज्य
में
पहली
बार
पटना
स्मार्ट
सिटी
योजना
के
तहत
पहली
बार
फ्लाईओवर
के
नीचे
के
खाली
क्षेत्रों
का
सौंदर्यीकरण
किया
गया
है।
चिरैयाटांड़
चौराहा
से
लेकर
जीपीओ
गोलंबर
के
फ्लाईओवर,
वीरचंद
पटेल
पथ
का
फ्लाईओवर,
आर
ब्लॉक,
बेली
रोड,
पटेल
चौक
से
हार्डिंग
रोड
,सरपेन्टाइन
नाला,
दीघा
गोलंबर,
कदंबकुआ
जैसे
प्रमुख
क्षेत्रों
में
हरित
क्षेत्र
का
विकास
किया
गया।
इन
स्थानों
पर
अवैध
अतिक्रमण
और
गंदगी
की
समस्या
को
भी
दूर
किया
गया।
इन
जगहों
पर
इस
बात
का
विशेष
ध्यान
दिया
गया
कि
फ्लाईओवर
के
नीचे
सूर्य
की
रोशनी
पहुंच
सके।
इसके
लिए
मिट्टी
भराई,
घेरान
का
निर्माण,
विशेष
लैंडस्केपिंग
तकनीकों
का
उपयोग
किया
गया।
इस
प्रयास
से
न
केवल
पर्यावरण
को
बेहतर
बनाया
गया
है,
बल्कि
शहर
के
सौंदर्यीकरण
में
भी
महत्वपूर्ण
योगदान
मिला
है।
यह
परियोजना
न
केवल
पर्यावरण
संरक्षण
का
संदेश
देती
है,
बल्कि
जनता
में
जागरूकता
भी
बढ़ाती
है।
अब
फ्लाईओवर
के
नीचे
जगहें
बस
आवागमन
का
माध्यम
नहीं
रहकर
हरियाली
से
भरपूर
स्थल
बन
गई
हैं।

