पहले भी मिला है योजना का लाभ
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि पूर्व में बनी सूची के आधार पर इस योजना का लाभ लाभार्थियों को दिया जा रहा था। हालांकि, कई ऐसे परिवार हैं जो योग्य होने के बावजूद प्रतीक्षा सूची में शामिल नहीं हो सके।
कैसे मिलेगा लाभ?
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि 2018-19 में पिछली बार सर्वेक्षण किया गया था। तब से कई नए परिवार योजना के दायरे से बाहर रह गए। इस बार सर्वेक्षण के जरिए इन परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जिनके पास पक्का मकान नहीं है, उन्हें पीएम आवास योजना के तहत घर मिलेगा।’
इन लोगों को नहीं मिलेगा आवास योजना का लाभ?
- जिनके पास पक्का मकान है, वो इस योजना में शामिल नहीं होंगे।
- अगर घर के किसी सदस्य की आमदनी प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक रो रही हो।
- 50 हजार या उससे अधिक लोन लेने वाले किसान।
- जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है, वो इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
- घर का कोई सदस्य अगर सरकारी कर्मचारी है तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- तिपहिया और चार पहिया कृषि वाहन या ऑटो, कार जिसके पास हो।
- आयकर या व्यवसाय कर देने वाले परिवार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- ढाई एकड़ या अधिक सिंचित भूमि जिनके पास हो, उन्हें नहीं मिलेगा।
- 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि वाले को भी नहीं मिलेगा।
आवास योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
सर्वेक्षण के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- भूमि से संबंधित दस्तावेज
- पासपोर्ट साइज फोटो
सर्वेक्षण प्रक्रिया
सर्वेक्षण का काम ग्रामीण आवास सहायकों के माध्यम से किया जाएगा। जहां ये सहायक उपलब्ध नहीं होंगे, वहां पंचायत रोजगार सेवक और पंचायत सचिव यह काम संभालेंगे। यह सर्वेक्षण भारत सरकार द्वारा लॉन्च किए गए आवास एप के जरिए होगा।
आवास मिलने की उम्मीद
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। इससे राज्य के हजारों परिवारों को इस वित्तीय वर्ष में घर मिलने की उम्मीद जगी है।

