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पश्चिम बंगाल के बारुईपुर की 12 वर्षीय बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उसके फेफड़ों और पेट में पानी मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि उसे तालाब में फेंके जाने के समय वह जीवित थी. सिर पर गंभीर चोट और शरीर पर कई घाव मिलने के बाद जांच और तेज कर दी गई है.
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में बच्ची के साथ रेप में चौंकाने वाले खुलासे.
शरीर पर घाव के निशान, जब तालाब में उसे फेंका गया तब, उसकी सांसें चल रही थीं… पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ बर्बरता के बाद जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. शुरुआती मेडिकल जांच में कहा गया कि बच्ची के साथ मारपीट की गई, उसके साथ रेप किया गया, और फिर उसे तालाब में फेंक दिया गया. उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के फेफड़ों और पेट में पानी पाया गया है. विशेषज्ञ इसे इस बात का संकेत मान रहे हैं कि तालाब में फेंके जाने के समय उसकी सांसें चल रही थीं. यदि किसी व्यक्ति की मौत पहले ही हो चुकी हो, तो सामान्य परिस्थितियों में फेफड़ों और पेट में इस तरह पानी नहीं पहुंचता. यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बच्ची को बेहोशी की हालत में पानी में फेंका गया था या वह गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जीवित थी.
सिर पर गंभीर चोट के निशान
मेडिकल रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बच्ची के सिर पर गंभीर चोट थी. डॉक्टरों का अनुमान है कि उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया या फिर उसे जोर से किसी कठोर सतह से टकराया गया. इसी चोट के कारण वह बेहोश हो गई होगी. रिपोर्ट में ज्यादा खून बहने की भी बात कही गई है. शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार सिर की चोट लगने और पानी में डूबने की वजह से उसकी मौत हुई.
कहा गया है कि बच्ची के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में शरीर पर दांत से काटने के निशान होने का भी दावा किया गया है. हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक इन पर कुछ नहीं कहा है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के सभी पहलुओं का मिलान किया जा रहा है. जांच के दौरान मानव तस्करी से जुड़े संभावित एंगल की भी पड़ताल की जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है. लेकिन खारिज भी नहीं किया है.
तीन गिरफ्तार, एसआईटी कर रही जांच
मामले में अब तक प्रभास मंडल, दिवाकर सरदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार को दोनों मुख्य आरोपियों को बारुईपुर अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी साजिश, अपराध के क्रम और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. इस मामले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच बेहद अहम चरण में है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों का घटनास्थल से मिले सबूतों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके.
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<strong>Gyanendra Kumar Mishra</strong> is a senior journalist with nearly <strong>20 years of experience</strong> in the media industry. He is currently associated with <strong>News18 Hindi </strong>(hindi.new…और पढ़ें

