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Bank Income : सरकारी बैंकों ने बीमा प्रोडक्ट बेचकर उसके कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये कमाए हैं. यह कमाई ऐसे समय में हुई है जब वित्त मंत्रालय ने उन्हें अपने मूल बिजनेस यानी लोन बांटने पर फोकस करने के लिए कहा है. बीमा प्रोडक्ट के साथ म्यूचुअल फंड से भी बैंकों को बड़ी कमाई हुई है.
सरकारी बैंकों को बीमा प्रोडक्ट के कमीशन से बंपर कमाई हुई है.
नई दिल्ली. सरकारी बैंकों को कर्ज बांटकर ब्याज से कमाई करते तो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन अब इन बैंकों ने कमीशन से भी हजारों करोड़ की कमाई करना शुरू कर दिया है. यह कमीशन बैंकों की ओर से बेचे जाने वाले बीमा उत्पादों पर मिल रहा है. इस सेक्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ एसबीआई ने हासिल की है, जिसकी कमीशन के जरिये कमाई 19 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है. वित्त वर्ष 2025-26 में अधिकतर बैंकों ने इस कारोबार से अच्छी खासी कमाई की है. इस दौरान म्यूचुअल फंड वितरण से होने वाली कमाई का रुख मिला-जुला रहा, जहां कुछ बैंकों की आय बढ़ी तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई.
बैंकों की एक सालाना रिपोर्ट से पता चलता है कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखा है. वित् वर्ष 2025-26 में बैंक का बीमा कमीशन 19.26 फीसदी बढ़कर 2,795.01 करोड़ रुपये हो गया जो वित्तवर्ष 2024-25 में 2,345.36 करोड़ रुपये था. एसबीआई का म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 7.05 फीसदी बढ़कर 1,617.52 करोड़ रुपये हो गया जो वित् वर्ष 2024-25 में 1,511.06 करोड़ रुपये था.
एसबीआई लाइफ ने कराई बंपर कमाई
एसबीआई की बीमा कमीशन से हुई कुल 2,795.01 करोड़ रुपये की कमाई में से 2,384.63 करोड़ रुपये (करीब 85 फीसदी) उसकी जीवन बीमा अनुषंगी एसबीआई लाइफ की पॉलिसियों के वितरण से प्राप्त हुई. इसी तरह, 22,000 से अधिक शाखाओं वाले देश के सबसे बड़े बैंक की म्यूचुअल फंड वितरण से कुल कमाई में लगभग तीन-चौथाई यानी 1,209.33 करोड़ रुपये का योगदान एसबीआई म्यूचुअल फंड का रहा. बीमा एवं म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन में यह वृद्धि ऐसे समय हुई है, जब वित्त मंत्रालय ने बैंकों को गलत तरीके से उत्पाद बेचने के प्रति आगाह किया है और उन्हें अपनी मूल बैंकिंग गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है.
बैंकों ने सरकारी बीमा पॉलिसी बेचकर भी कमाया
बैंकों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) जैसी सरकारी बीमा योजनाओं का भी वितरण किया. अन्य बड़े सरकारी बैंकों में केनरा बैंक का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा. उसका बीमा कमीशन 15.67 फीसदी बढ़कर 566.36 करोड़ रुपये हो गया जो एक वर्ष पहले 489.64 करोड़ रुपये था. म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 8.41 फीसदी बढ़कर 72.84 करोड़ रुपये हो गया. इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा का बीमा कमीशन 3.76 फीसदी बढ़कर 368.93 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 0.82 फीसदी घटकर 142.52 करोड़ रुपये रह गया.
पीएनबी की कमाई में भी गिरावट
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की दोनों श्रेणियों से कमाई में गिरावट दर्ज की गई. पीएनबी का बीमा कमीशन 8.61 फीसदी घटकर 438.67 करोड़ रुपये रह गया जबकि म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 13.14 फीसदी घटकर 163.41 करोड़ रुपये रहा. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का बीमा कमीशन 10.77 फीसदी घटकर 475.45 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन की कमाई 7.93 फीसदी बढ़कर 29.66 करोड़ रुपये हो गई.
छोटे बैंकों ने भी जमकर कमाया
मध्यम आकार के सरकारी बैंकों में इंडियन बैंक का बीमा कमीशन 8.21 फीसदी बढ़कर 190.65 करोड़ रुपये हो गया. म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 7.73 फीसदी बढ़कर 4.74 करोड़ रुपये रहा. यूको बैंक का बीमा कमीशन 6.53 फीसदी बढ़कर 66.08 करोड़ रुपये हो गया. इसी तरह, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 42.04 फीसदी की तेज वृद्धि के साथ 2.23 करोड़ रुपये रहा. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बीमा कमीशन वित्तवर्ष 2025-26 में 13.57 फीसदी बढ़कर 160.90 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा छोटे सरकारी बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया और उसका बीमा कमीशन 17.92 फीसदी की वृद्धि के साथ 31.98 करोड़ रुपये रहा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

