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Pakistan News Today: अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश में नाकाम रहे पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर की जमकर फजीहत हो रही है. रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने मेजर गौरव आर्या के शो में पाकिस्तान की तुलना कलेक्टर दफ्तर के बाहर खड़े चपरासी से की, जिसके पास कोई पावर नहीं होती. कतर को मुख्य मध्यस्थ बनाए जाने के बाद पाकिस्तान गेम से पूरी तरह आउट हो गया है और वो ईरानी हमले में अपना एलएनजी जहाज तक नहीं बचा पाया.
मेजर साहब ने पाकिस्तान की सच्चाई सबको बताई. (Reuters)
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर खुद को दुनिया का सबसे बड़ा ‘मैसेंजर’ और शांतिदूत समझने की गलतफहमी पाल बैठे थे. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने के चक्कर में मुनीर साहब ने तेहरान के इतने चक्कर काटे कि पैरों के छाले गिनना भूल गए. लगा था कि ट्रंप इन्हें गले लगा लेंगे और इतिहास रच देंगे, लेकिन भाईसाहब, ट्रंप ने तो दूध में से मक्खी की तरह उठाकर बाहर फेंक दिया. रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने मेजर गौरव आर्या के शो कमांड सेंटर में पाकिस्तान की ऐसी धज्जियां उड़ाई हैं कि सुनकर कलेजे को ठंडक पड़ जाए. कर्नल साहब ने पाकिस्तान की औकात बताते हुए सीधे कह दिया कि ये तो कलेक्टर के बाहर खड़े उस चपरासी जैसे हैं जो 500 रुपये लेकर अंदर मिलवा तो सकता है, पर कोई डिसीजन नहीं करा सकता. अब कतर बीच में आ चुका है, पाकिस्तान पूरी तरह साइडलाइन हो गया है और इनकी हवाबाजी का पर्दाफाश हो चुका है.
कलेक्टर के दफ्तर के बाहर खड़ा चपरासी है आसिम मुनीर
शो के दौरान कर्नल दानवीर सिंह ने पाकिस्तान की असलियत बयान करते हुए एक ऐसा तगड़ा तंज कसा जो इंटरनेट पर आग लगा रहा है. कर्नल साहब ने दो टूक कहा:
पाकिस्तान की हालत उस चपरासी जैसी है जो कलेक्टर साहब के दफ्तर के बाहर खड़ा रहता है. वो 500 रुपये लेकर आपको मिलवा तो देगा, लेकिन किसी डिसीजन को मुतासर नहीं कर पाएगा क्योंकि उस चपरासी के पास कोई लेवरेज ही नहीं है.
मतलब साफ है, पाकिस्तान सिर्फ हवाबाजी और डींगे हांकने में आ गए है, जबकि असल नेगोशिएशन की टेबल पर उसकी कोई औकात नहीं बची है.
कतर की एंट्री से पाकिस्तान का पत्ता साफ
ट्रंप के मैसेंजर बनकर ईरान के चक्कर काटने वाले आसिम मुनीर अपना खुद का एलएनजी (LNG) कार्गो जहाज तक नहीं बचा पाए. जिस ईरान से बातचीत के वो दावे कर रहे थे, उसी ईरान में अब पाकिस्तान को लेकर गुस्सा फूट रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान ने मिलकर अब कतर को मुख्य मध्यस्थ बना दिया है. अमेरिका-ईरान के बीच अब दोहा (कतर) में नए सिरे से बातचीत चल रही है और पाकिस्तान को दूध में से मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया गया है.
यूएई और ईरान पर पलटने लगे पाकिस्तानी यूट्यूबर
कर्नल दानवीर सिंह ने यह भी एक्सपोज किया कि कैसे पाकिस्तानी मीडिया और यूट्यूबर हर नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ते हैं. कभी वो बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के पीछे भारत का हाथ बताते हैं, तो कभी यूएई और ईरान को विलेन बना देते हैं. पाकिस्तानी ओपिनियन मेकर्स अब ईरान पर ही बलूचिस्तान के फ्रीडम फाइटर्स को फंड करने का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान के पास अब झूठ बोलने और पैसे मांगने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

