इन्हें ‘लोकतंत्र के जांबाज’ से सम्मानित करने का सुझाव:
1. अखिलेश यादव ने उस व्यक्ति को अवार्ड देने का सुझाव दिया, जिसने मिल्कीपुर में भाजपा के लिए अकेले 6 वोट डालकर ‘मतदान के महान अधिकार’ का कर्तव्य एक बार नहीं, 6 बार निभाया। दरअसल, चुनाव के दिन एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक बुजुर्ग छह वोट डालने का दावा करते नजर आए थे।
2. अखिलेश यादव ने कहा कि एक अवार्ड उन लोगों को मिलना चाहिए, जिन्होंने वैसे लोगों से मतदान करवाया जो दुनिया से जा चुके हैं। उनसे भी, जिनके मतदान के दिन सशरीर तो कहीं ड्यूटी करने के प्रमाण हैं। ऐसे लोगों ने वोट कहीं और डाला।
3. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि एक अवार्ड उन कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने आंखें बंद करके ऐसे लोगों से मतदान करने को संभव बनाया।
4. अखिलेश यादव ने कहा कि एक अवार्ड उन अधिकारियों को दिया जाना चाहिए, जिन्होंने सत्ताधारियों की ओर से दिए गए टार्गेट को स्वयं अपने करकमलों से पूरी कर्तव्यनिष्ठा से सफलतापूर्वक संपन्न कराया और किसी पर ‘अहसान’ किया।
5. चुनाव आयोग पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा कि सबसे बड़ा अवार्ड चुनाव करानेवालों को खुद को ही देना चाहिए, जिन्होंने ‘सत्ता सेवा’ के लिए अपनी गौरवशाली निष्पक्ष चुनाव कराने की परंपरा का संपूर्ण त्याग कर दिया। ऐसा महान त्याग अगर पुरस्कृत नहीं होगा तो पुरस्कारों का महत्व ही क्या रह जाएगा। ऐसा करने के बाद अंत में उन्हें अपने गले में एक माला भी डाल लेनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इस प्रकार का सुझाव दिया। पोस्ट के साथ उन्होंने चुनाव के दिन छह वोट डालने वाले बुजुर्ग के वीडियो को पोस्ट किया। इस पर यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। बुजुर्ग के इंटरव्यू का वीडियो पोस्ट कर दिया। इसमें वह कहते दिख रहे हैं कि उन्होंने सुबह-सुबह परिवार के छह लोगों के साथ वोट डाला। लेकिन, मीडियाकर्मी ने उन्हें एक साथ छह वोट डालने का बयान देने की बात कही और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। अखिलेश यादव पर वीडियो की सच्चाई जानने की बात कहते यूजर्स दिखे।

