दिवाली के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने सियासी बहस छेड़ दी है. देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए खरगे ने इस त्योहार को ‘खुशियों की ईद’ बताया. उन्होंने कहा कि दिवाली कई दिनों तक चलने वाला खुशियों का त्योहार है, जो लोगों को एक साथ लाता है और अपने प्रियजनों से मिलने का मौका देता है. खरगे ने इस अवसर पर देश में शांति बनाए रखने, आपसी गलतफहमियां दूर करने और राष्ट्रीय एकता के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की.
हालांकि, खरगे के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिवाली जैसे त्योहार पर भी वोट बैंक की राजनीति कर रही है.
‘दिवाली खुशियों की ईद है’
मल्लिकार्जुन खरगे ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भारत का प्रमुख त्योहार है, जिसे सभी लोग मिलकर मनाते हैं. उन्होंने दिवाली को खुशियों, मेल-मिलाप और आपसी सद्भाव का प्रतीक बताते हुए कहा, ‘दिवाली खुशियों की ईद है, कई दिनों तक चलने वाली ईद है.’
खरगे का संदेश त्योहार के जरिए सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने पर केंद्रित था. उन्होंने कहा कि दिवाली लोगों को एक साथ लाती है और उन्हें अपने परिवार तथा प्रियजनों से मिलने का अवसर देती है. उनके इस बयान के बाद बीजेपी ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया.
‘कांग्रेस एंटी-सनातनी’
खरगे के बयान को लेकर बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे ‘एंटी-सनातनी’ करार दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष ने दिवाली को खुशियों की ईद बताया!’
भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिवाली के दिन भी तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति कर रही है. उन्होंने अपनी पोस्ट में सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद से जुड़े कथित बयान का भी जिक्र किया और लिखा कि एक दिन पहले सोनिया गांधी बाबरी के लिए रोईं और अब खरगे दिवाली के संदेश में तुष्टिकरण कर रहे हैं.
शांति और आपसी गलतफहमियां दूर करने की अपील
खरगे ने अपने दिवाली संदेश में केवल त्योहार की शुभकामनियां ही नहीं दीं, बल्कि देश में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि जो लोग आपस में लड़ रहे हैं, उन्हें अपनी गलतफहमियां दूर करनी चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश की रक्षा करने और उसे एकजुट बनाए रखने के लिए सभी को पूरे दिल से काम करना चाहिए. उनके मुताबिक, देश की एकता और शांति बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
PM मोदी को राहुल गांधी की चुनौती का भी उठाया मुद्दा
दिवाली संदेश के दौरान खरगे ने राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दिए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने ‘राहुल गांधी ने मोदी को बहस के लिए आमंत्रित किया है, लेकिन प्रधानमंत्री आगे नहीं आ रहे हैं. खैर, यह उनकी अपनी मर्जी है.’
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के खिलाफ है, किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ नहीं.

