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Delhi AQI Today: देश की राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब हो रही है. दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता इस कदर खराब हो चुक है कि खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल है. रविवार 8 नवंबर 2026 सुबह 7 बजे का डेटा बेहद डराने वाला है.
दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी की ओर से रविवार 8 नवंबर 2026 को प्रकाशित डेटा के अनुसार राजधानी में हवा सांस लेने लायक नहीं रही है. (CPCB की साइट से साभार-सुबह 7 बजे के आंकड़े)
Delhi AQI Today: दिल्ली में एयर पॉल्यूशन की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. आज यानी 8 नवंबर को दीपावली है. रात में आतिशबाजी होनी है. उससे पहले ही राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता 400 को पार कर गई है. जहांगीपुरी में तो सुबह 7 बजे AQI का लेवल 450 रिकॉर्ड किया गया. वहीं, पंजाबी बाग में यह आंकड़ा 449 दर्ज किया गया. इसका मतलब एयर पॉल्यूशन सीवियर कैटेगरी में है और खुली हवा में सांस लेना विभिन्न तरह की बीमारियों को न्योता देना है. दिवाली में पटाखे जलाने के बाद हालात के और भी खराब होने की आशंका है.
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है. दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है. वहीं, राजधानी के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है, जिससे हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. प्रदूषण के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुर में AQI 450 तक पहुंच गया. पंजाबी बाग में AQI 449 दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी में 445 और चांदनी चौक में 420 AQI रिकॉर्ड किया गया. इन इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है. इसके अलावा ITO में AQI 396, वजीरपुर में 391, उत्तम नगर में 373 और आया नगर में 365 दर्ज किया गया। आनंद विहार में AQI 344 और बदरपुर में 349 रिकॉर्ड किया गया.
कहां कितना AQI
- जहांगीरपुरी – 450
- पंजाबी बाग – 449
- रोहिणी – 445
- चांदनी चौक – 420
- ITO – 396
- वजीरपुर – 391
- उत्तम नगर – 373
- आया नगर – 365
- बदरपुर – 349
- आनंद विहार – 344
एक्सपर्ट की क्या सलाह
त्योहारों के दौरान मिठाइयों का सेवन सीमित मात्रा में करने के साथ ही लोगों को बढ़ते वायु प्रदूषण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों और पहले से बीमार लोगों को इसका अधिक खतरा है. कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. श्रीराम नेने ने न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए कहा कि त्योहारों पर कभी-कभार मिठाइयां खाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इनके अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए. वहीं, एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. मुंबई के ईएनटी सर्जन डॉ. वरुण डेव के मुताबिक, 250 के आसपास एक्यूआई वाली हवा में सांस लेना रोजाना 10 से 15 सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदेह हो सकता है. मेदांता लखनऊ के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक टंडन ने घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने, एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने और बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला N95 मास्क पहनने की सलाह दी.
स्कूलों को लेकर क्या है आदेश
राजधानी में वायु प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराने का निर्देश दिया है. इसके तहत छात्रों को स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ाई करने या घर से ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने का विकल्प मिलेगा. इस आदेश में शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को शामिल किया गया है. इसके अलावा एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों पर भी यह निर्देश लागू होगा. शिक्षा विभाग ने यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण के प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने के बाद लिया है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…

