Aaj Ka Mausam 8 November: दिवाली के मौके पर मौसम का मिजाज कैसा रहेगा? IMD ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश कि विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है. अलग-अलग हिस्सों में अगले 7 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी 11 से 13 नवंबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. बिहार और पश्चिम बंगाल में भी बारिश होने की संभावना है. IMD ने 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने का भी पूर्वानुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों, पूर्वोत्तर असम तथा दक्षिण केरल तट से दूर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ आने का अनुमान है.
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की संभावना
आईएमडी के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 13 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इनमें 10 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. केरल और माहे में भी 8 नवंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. केरल में 9 से 13 नवंबर तक भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है. लक्षद्वीप में 8 नवंबर को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि 9 से 13 नवंबर के बीच भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं. यहां 9 से 13 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 नवंबर के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में 8 से 9 नवंबर के दौरान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. तेलंगाना में 7 और 8 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इन क्षेत्रों में सतही स्तर पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं. तटीय कर्नाटक में 8 से 9 नवंबर और 13 नवंबर को, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 8 से 13 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश के आसार
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 11 से 13 नवंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. फिलहाल इन राज्यों में किसी व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने पर तापमान और ठंड में बदलाव की संभावना रहेगी.
मौसम हाईलाइट्स
- दक्षिण भारत में अगले 7 दिन बारिश का दौर
- तमिलनाडु और केरल में भारी वर्षा का अलर्ट
- 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
- जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश-बर्फबारी के आसार
- दिल्ली-एनसीआर में 11 से 13 नवंबर तक बदल सकता है मौसम
- बिहार-बंगाल में भी बारिश की संभावना.
बिहार-झारखंड में भी बारिश का सिलसिला
पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 8 से 13 नवंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है. यहां 9 से 13 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है. पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 9 से 12 नवंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. झारखंड में 10 और 11 नवंबर, बिहार में 11 नवंबर तथा ओडिशा में 10 से 12 नवंबर तक बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 10 नवंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है. पूर्वोत्तर भारत में भी अगले सप्ताह बारिश का असर रहेगा. अरुणाचल प्रदेश में 9 से 13 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9 से 13 नवंबर तक बारिश के आसार हैं. यहां 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 नवंबर तक बारिश हो सकती है. इन राज्यों में 10 और 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है.
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब-हरियाणा से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक के मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है.
10 नवंबर से पहाड़ों में बदलेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है. इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश या बर्फबारी हो सकती है. इसके बाद 11 से 13 नवंबर तक इन क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वर्षा और हिमपात होने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश में 10 से 13 नवंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. 12 और 13 नवंबर को यहां गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. उत्तराखंड में 8 से 11 नवंबर और फिर 13 नवंबर को बारिश के आसार हैं. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 10 से 13 नवंबर तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है. मौसम विभाग ने 12 नवंबर को कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है. इससे पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट आने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है.
मध्य और पश्चिम भारत में मौसम शुष्क रहने का अनुमान
देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि का पूर्वानुमान नहीं दिया है. अगले एक सप्ताह के दौरान इन क्षेत्रों में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. इस तरह अगले सात दिनों में बारिश की प्रमुख गतिविधियां दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के साथ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों तक सीमित रहने का अनुमान है.
लक्षद्वीप के आसपास मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
मौसम विभाग ने लक्षद्वीप और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. समुद्र में मौसम प्रतिकूल रहने के कारण मछुआरों को इन क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है. केरल और माहे में 9 से 11 नवंबर के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है.

