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Siddaramaiah Sting Operation: सिद्धारमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन की आंच अब सीधे देश की राजधानी दिल्ली स्थित सत्ता के गलियारों तक पहुंच गई है. बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने केंद्रीय मंत्री और जेडी (एस) नेता एचडी कुमारस्वामी के दिल्ली आवास पर छापेमारी की पूरी तैयारी कर ली है.
बेंगलुरु पुलिस सिद्धारमैया स्टिंग केस में कुमारस्वामी के दिल्ली आवास की तलाशी की तैयारी में है. (फाइल फोटो)
Siddaramaiah Sting Operation: पूर्व कर्नाटक मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति (सीडबल्यूसी) के सदस्य सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले की जांच के तहत बेंगलुरु पुलिस केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी की तैयारी कर रही है. बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने मामले की जांच को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की.
तलाशी से जुड़ी यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब प्रज्वल प्रसाद, जो कुमारस्वामी की सोशल मीडिया जनसंपर्क टीम से जुड़े बताए जाते हैं, जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया. बताया गया है कि प्रज्वल प्रसाद 3 नवंबर को बेंगलुरु स्थित सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) के सामने पेश हुए. उनसे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर तैयार किए गए कथित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के मामले में पूछताछ की गई.
पूछताछ के दौरान प्रसाद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी केवल सोशल मीडिया के माध्यम से मिली. उन्होंने यह भी कहा कि वह रितेश कुमार पांडे को नहीं जानते हैं. जांच के तहत पुलिस ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. सीसीबी ने प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने नई दिल्ली में कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर कंटेंट क्रिएटर रितेश कुमार पांडे को एक मोबाइल फोन उपलब्ध कराया था.
पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल कथित तौर पर स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के लिए किया गया, वह दिल्ली में खरीदा गया था और बाद में उसे कुशक रोड स्थित कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर लाया गया था.
पुलिस जांच के अनुसार, नई दिल्ली से गिरफ्तार किए गए रितेश पांडे ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने विनोद शर्मा के साथ मिलकर करोलबाग से मोबाइल फोन खरीदा था. उनका दावा है कि यह खरीदारी प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर की गई थी, जो कथित रूप से कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि मोबाइल फोन बाद में कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर लाया गया और कथित तौर पर प्रज्वल प्रसाद को सौंपा गया.
इस बीच, कर्नाटक के कन्नड़ एवं संस्कृति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री शिवराज तंगडगी ने 4 नवंबर को कुमारस्वामी पर तीखा हमला बोला. तंगडगी ने सवाल उठाया कि कुमारस्वामी बार-बार यह क्यों कह रहे हैं कि इस मामले में सिद्दारमैया के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने पूछा कि क्या उनकी बयानबाजी और कथित प्रचार से पूर्व मुख्यमंत्री को कोई फायदा मिलने वाला है.
उन्होंने आरोप लगाया कि स्टिंग ऑपरेशन का प्रचार-प्रसार कुमारस्वामी के कार्यालय के माध्यम से किया गया था. साथ ही, उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस पूरे घटनाक्रम में कुमारस्वामी की भूमिका नहीं होने की क्या गारंटी है. तंगडगी ने कुमारस्वामी पर कांग्रेस के भीतर मतभेद पैदा करने की कोशिश का आरोप भी लगाया. उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच दूरी पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं. तंगडगी ने कहा, “वीडियो को अपलोड और प्रचारित कुमारस्वामी ने किया. उन्होंने खुद इसे स्वीकार किया है. क्या एक पूर्व मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होना शर्मनाक नहीं है?”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

