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राहुल गांधी चुनाव आयोग और SIR को लेकर लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं. लेकिन अब DMK ने तमिलनाडु को लेकर उनसे ही सवाल पूछ दिया है. DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी दूसरे राज्यों में वोटर लिस्ट के मुद्दे पर मुखर हैं लेकिन तमिलनाडु में बड़ी संख्या में वोटर डिलीशन पर चुप हैं. उन्होंने राहुल को ‘दोमुहां’ तक कह दिया. हालांकि DMK के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने राहुल के प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की. ऐसे में DMK के भीतर राहुल को लेकर अलग-अलग सुर सामने आ रहे हैं.
राहुल गांधी के SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान पर DMK ने तमिलनाडु को लेकर सवाल उठाए. (फोटो PTI)
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सड़कों पर हैं. कई विपक्षी दल भी उनके साथ सुर में सुर मिला रहा हैं. लेकिन जब से तमिलनाडु में कांग्रेस ने DMK का दामन छोड़ TVK और विजय का हाथ थामा है तब से DMK के कई नेता काफी नाराज दिख रहे हैं. तमिलनाडु की सियासत में कभी साथ दिखने वाले कांग्रेस और DMK अब एक-दूसरे को ही घेरते नजर आ रहे हैं. राहुल गांधी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं. वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इसी बीच DMK के एक नेता ने राहुल गांधी से ही सवाल पूछ दिया है. DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि राहुल गांधी दूसरे राज्यों में वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो तमिलनाडु के मामले में चुप क्यों हैं? उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में वोटर हटाए गए और इनमें से कई सीटों पर TVK को फायदा मिला. उन्होंने राहुल गांधी को ‘दोमुहां’ तक बोल दिया. यही बात अब कांग्रेस के लिए मुश्किल सवाल बनती जा रही है.
दिलचस्प बात यह है कि DMK के भीतर राहुल गांधी को लेकर एक राय नहीं दिख रही है. एक तरफ पार्टी के प्रवक्ता राहुल पर सीधे निशाना साध रहे हैं. दूसरी तरफ वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन उनके प्रदर्शन के अधिकार का बचाव कर रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि सरकार की गलतियों के खिलाफ लड़ना हर नागरिक का अधिकार है और राहुल गांधी ने वही किया. उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की. यानी एक ही पार्टी से राहुल गांधी को लेकर दो अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं. इसके पीछे तमिलनाडु की बदली हुई राजनीति भी है. कांग्रेस और DMK के रिश्ते में अब पहले जैसी गर्माहट नहीं है. वहीं TVK के साथ कांग्रेस की नजदीकी ने पूरे समीकरण को और पेचीदा बना दिया है.
DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर सवाल दागे. (PTI)
DMK ने पूछा- तमिलनाडु पर राहुल गांधी क्यों चुप?
DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर सवाल दागे. उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में 20 हजार से ज्यादा वोटर हटाए गए वहां TVK ने 135 में से 84 सीटें जीतीं. उनका दावा है कि जिन 10 सीटों पर 80 हजार से ज्यादा वोटर हटाए गए वहां भी TVK विजयी रही. अन्नादुरई ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि SIR का असर तमिलनाडु पर नहीं पड़ा? उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया. इन आंकड़ों और चुनावी असर का दावा अन्नादुरई ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर किया है.
राहुल को ‘दोमुहां’ कहकर घेरा
DMK प्रवक्ता ने इससे पहले राहुल गांधी पर और तीखा हमला किया था. जब राहुल दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ प्रदर्शन कर रहे थे तब अन्नादुरई ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी तमिलनाडु में वोटर डिलीशन का मुद्दा इसलिए नहीं उठा रहे क्योंकि वह विजय से डरते हैं. उन्होंने राहुल को ‘दोमुहां’ तक कह दिया. इसके साथ उन्होंने अंग्रेजी के एक मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए राहुल पर लगातार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया. अन्नादुरई ने यह भी पूछा कि अगर राहुल गांधी देश के दूसरे हिस्सों में SIR को लेकर इतने मुखर हैं तो वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस कथित रुख का समर्थन क्यों नहीं कर रहे जिसमें SIR के बाद चुनी गई राज्य सरकारों को भंग करने की बात कही गई थी.
DMK के बड़े नेता ने राहुल का किया बचाव
हालांकि DMK में हर नेता राहुल गांधी के खिलाफ नहीं है. पार्टी के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने राहुल के प्रदर्शन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि सरकार की गलतियों के खिलाफ लड़ना नागरिकों का अधिकार है और राहुल गांधी ने मंगलवार को वही किया. एलंगोवन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की. उन्होंने उन राज्यों में नए चुनाव कराने की मांग भी की जहां उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई है. इससे साफ है कि DMK के भीतर चुनाव आयोग के मुद्दे पर राहुल गांधी के साथ पूरी तरह दूरी नहीं बनी है. पार्टी के कुछ नेता चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं.
कांग्रेस और DMK की राह क्यों बदली?
- तमिलनाडु में बदले राजनीतिक समीकरण इस पूरे विवाद की बड़ी वजह माने जा रहे हैं. विधानसभा चुनाव के बाद DMK और कांग्रेस के बीच पुराना गठबंधन समीकरण बदल गया. दूसरी तरफ कांग्रेस का TVK के साथ राजनीतिक तालमेल बढ़ा है. ऐसे में राहुल गांधी जब चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हैं तो तमिलनाडु का मामला सीधे स्थानीय राजनीति से जुड़ जाता है.
- यही वजह है कि DMK अब राहुल गांधी के राष्ट्रीय अभियान को तमिलनाडु के राजनीतिक चश्मे से देख रही है. पार्टी के लिए सवाल सिर्फ SIR का नहीं है. सवाल यह भी है कि राहुल गांधी जिन मुद्दों को देशभर में उठा रहे हैं उनका असर तमिलनाडु की राजनीति पर पड़ने पर उनका रुख क्या है.
- यह पूरा विवाद उस समय तेज हुआ जब राहुल गांधी और विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने निकले. पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद राहुल गांधी को आकाशवाणी भवन के पास हिरासत में लिया गया. बाद में उन्होंने करीब नौ घंटे तक धरना दिया.
- विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. यह मांग इंडियन एक्सप्रेस की उन रिपोर्टों के बाद और तेज हुई जिनमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीने में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी. इनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल बताए गए. इसी विवाद ने चुनाव आयोग के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है.
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सुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18
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